लखनऊ, जेएनएन। सिविल अस्पताल में शनिवार को 18 से 44 वर्ष के लोगों का वैक्सीनेशन सुबह नौ बजे से शुरू हुआ। रजिस्ट्रेशन कराने के बाद स्लाट मिलने पर आलमबाग निवासी निखिल, बटलर पैलेस कॉलोनी में रहने वाले ओमनाथ राय अपने बड़े भाई पंकज राय के साथ, आलमबाग निवासी एकांजली उनके पति हिमांशु और छात्र हर्ष वैक्सीनेशन कराने के लिए पहुंचे। वैक्सीनेशन नोडल इंचार्ज डा. एनवी सिंह और डा. आरपी सिंह की निगरानी में किया गया। यहां पर 18-44 उम्र के लोगों के लिए दो बूथ बनाए गए थे। पूछताछ काउंटर पर इन्हें डाटा फीडिंग इंचार्ज एवं व्यवस्थाएं देख रहें जावेद हुसैन और धीरज रावत ने उक्त लोगों को जानकारी दी कि पहले लाइन में खड़े होकर टोकन ले। टोकन के लिए महिला और पुरुष की अलग-अलग दो लाइन बनी थीं। टोकन लेने के बाद यह लोग वैरीफिकेशन के लिए पहुंचे। वैरीफिकेशन होने के बाद इन्हें स्टाफ नर्स रश्मी ने वैक्सीन लगाई। इसके बाद इन्हें आब्जर्वेशन रूम में आधे घंटे के लिए रखा गया। सभी की स्थिति सामान्य थी। आधे घंटे आब्जर्वेशन रूम में बैठने के बाद यह लोग चले गए।

वैक्सीन लगने के बाद जो कोरोना हो रहा वह घातक नहीं

बटलर पैलेस निवासी पंकज राय और उनके भाई ओम नारायण ने बताया कि वैक्सीन के बाद भी कुछ लोग कोविड पॉजिटिव हो रहे हैं, पर वैक्सीनेशन के बाद जिन्हें कोरोना हो रहा है। वह कोरोना घातक नहीं है। इसलिए कोविड वैक्सीन अवश्य लगवाएं। हम दोनों भाइयों ने तो बड़ी उत्सुकता के साथ वैक्सीनेशन कराया है। पंकज ने बताया कि उनके कई साथी ऐसे हैं जिन्हें स्टाल नहीं मिल सका है। इस लिए कुछ दिक्कतें आ रही हैं। ऑनलाइन रिजस्ट्रेशन में जो यह दिक्कतें हैं उनका निस्तारण भी जल्द होना चाहिए।

वैक्सीन लगाएं कोरोना को हराए

आलमबाग निवासी निखिल तिवारी सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे हैं। उनके पिता सीपी तिवारी सचिवालय में रिव्यू ऑफीसर हैं। निखिल ने बताया कि कोरोना को हराना है तो वैक्सीनेशन सभी को कराना है। वैक्सीनेशन को लेकर जो लोग अफवाह फैला रहे हैं वह गलत हैं। मैंने वैक्सीनेशन कराया हमें कोई दिक्कत नहीं हुई। सब सामान्य हैं। हां यहां पर लाइन में लोग शारीरिक दूरी का ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस लिए अस्पताल प्रशासन को यह व्यवस्था ठीक करानी चाहिए। वहीं, लोगों को भी इस बात का ध्यान रखाना चाहिए। 

Edited By: Anurag Gupta