लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए जांच पर लगातार फोकस किया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने प्रति दस लाख की आबादी पर कम से कम 140 लोगों की जांच का मानक तय किया है। यूपी की आबादी करीब 24 करोड़ है, ऐसे में इस मानक के अनुसार प्रतिदिन 33 हजार टेस्ट होने चाहिए, लेकिन यहां इससे दस गुना अधिक करीब तीन लाख से ज्यादा जांच हो रही हैं। देश में सर्वाधिक 5.25 करोड़ लोगों की कोरोना जांच करने वाला राज्य यूपी है।

उत्तर प्रदेश में कोरोना से बचाव के लिए जांच पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। यहां एक संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए 31 लोगों का कोरोना टेस्ट किया जा रहा है। वहीं दिल्ली में एक संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए 14 लोगों की जांच हो रही है। इसी तरह तमिलनाडु में 12, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में 11-11, केरल में आठ और महाराष्ट्र में छह लोगों की कोरोना जांच की जा रही है।

कोरोना के 642 नए रोगी मिले : कोरोना वायरस का संक्रमण अब तेजी से घट रहा है। पिछले 24 घंटे में कोरोना से संक्रमित 642 नए रोगी मिले। संक्रमण से 82 लोगों की मौत हुई। अब सक्रिय केस घटकर 12,243 रह गए हैं। प्रदेश में 28 जिले अब ऐसे हैं, जहां अब कोरोना के 100 से कम रोगी हैं। अभी तक प्रदेश में कुल 17 लाख लोग संक्रमित हुए हैं और इसमें से 16.67 लाख रोगी ठीक हो चुके हैं। अब रिकवरी रेट 98 प्रतिशत है।

तीन लाख से अधिक की कोरोना जांच : अपर मुख्य सचिव (सूचना) नवनीत सहगल ने बताया कि बीते 24 घंटे में तीन लाख से अधिक लोगों की कोरोना जांच की गई। अब तक कुल 5.25 करोड़ लोगों का कोरोना टेस्ट किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि शहरों के साथ गांवों में भी लोगों की कोरोना जांच बड़ी संख्या में की जा रही है। अब हर दिन जांचे गए कुल सैंपल में से करीब 65 प्रतिशत सैंपल ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के होते हैं। बीती पांच मई से निगरानी कमेटियां घर-घर जाकर लोगों का हालचाल ले रही हैं। अब तक 11 लाख लोगों को मेडिकल किट बांटी जा चुकी है।

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