लखनऊ, जेएनएन। पिछले एक महीने से कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहे अवकाश प्राप्त कर्नल ने आखिरकार जीत हासिल कर ही ली। छावनी के बेस अस्पताल से सेवानिवृत्त कर्नल और उनकी पत्नी को बुधवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके अलावा बीकेटी स्थित राम सागर मिश्रा अस्पताल से बुधवार को कोरोना संक्रमण से मुक्त हुए छावनी के पूर्व पार्षद सहित कसाईबाड़ा के सात, अमीनाबाद व असम के एक-एक मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया। इस अस्पताल से अब तक डिस्चार्ज हुए कुल मरीजों की संख्या 42 पर पहुंच गई है। 

पूर्व पार्षद के पिता की हालत में भी सुधार

पीजीआइ में भर्ती पूर्व पार्षद के पिता की हालत में भी तेजी से सुधार हुआ है। उनको वेंटीलेटर से हटाकर वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।

बहू, पत्नी और ढाई साल का नाती भी हुआ था संक्रमित

गोमतीनगर निवासी 72 साल के सेवानिवृत्त कर्नल की बहू कनाडा से आईं थीं। बहू कोरोना पॉजिटिव निकलीं तो उनको केजीएमयू में भर्ती कराया गया था। बहू के संपर्क में आने से सेवानिवृत्त कर्नल की 70 साल की पत्नी भी कोरोना से संक्रमित हो गईं। उनको छावनी के बेस अस्पताल में आइसोलेट किया गया था। पत्नी के बाद सेवानिवृत्त कर्नल और उनके ढाई साल के नाती की जांच हुई तो वह भी पॉजिटिव मिले। डॉक्टर का ढाई साल का बच्चा स्वस्थ होकर घर जा चुका है। जबकि कई दिनों तक सेवानिवृत्त कर्नल और उनकी पत्नी को वेंटीलेटर पर रखा गया। यह बेस अस्पताल का पहला केस था। ब्रिगेडियर रामकृष्णन, ले. कर्नल विवेक, मेजर प्रगति, मेजर सौम्या, मेजर अर्चना, नायक राठी, सिपाही रंजीत, प्रणव व पीके जैसे कोरोना वॉरियर्स ने एक महीने में सेवानिवृत्त कर्नल व उनकी पत्नी को कोरोना मुक्त करने में अहम भूमिका निभाई।

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