लखनऊ, जेएनएन। संविदाकर्मियों का कार्य बहिष्कार मरीजों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। सिविल, बलरामपुर, लोकबंधु, अवंतीबाई (डफरिन), में सोमवार को टी एंड एम कर्मियों ने कार्य बहिष्कार किया। जिसके चलते पर्चा काउंटर ठप रहा। इससे मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ा। उधर, सुबह से पर्चा काउंटर पर लाइन लगाए मरीजों को जब पता चला कि पर्चा नहीं बन रहा है तो दूर-दूर से आए कई मरीज बिना इलाज लौट गए।

मैन्युअल पर्चे बनाने पर, मरीजों में हो रही बहस

वहीं, बलरामपुर अस्पताल में डिजिटल काउंटर ठप होने के चलते मैन्युअल पर्चे बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई। जिसके कारण मरीजों में बहस होने लगी। उधर, बहराइच से मो.आमीन पहली बार पेट का इलाज कराने आए थे। उनके मुताबिक, इलाज भी नहीं मिला और भीड़ के चलते पत्नी भी गुम हो गयी। वहीं, खदरा निवासी मो.सुल्तान शुगर का इलाज कराने आए उन्होंने बताया कि सुबह 7 बजे से लाइन में लगे थे, दो बार लाइन भी बदली। अब जाकर पर्चा बना है। 

 

यह भी पढ़ें: एम्बुलेंस 108-102 चालकों की हड़ताल, मरीज परेशान 

तो इसलिए कार्य बहिष्कार

प्रधानमंत्री की डिजिटल इंडिया योजना के अंतर्गत यूपी के 32 जिलों में तैनात लगभग 400 ई-हॉस्पिटल कर्मी और यूपीएचएसएसपी द्वारा प्रदेश के 51 जिलों में तैनात टी एंड एम के कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया है। उनकी मांग है कि यूपी के 32 जिलों के चिकित्सालयों में कार्यरत ई-हॉस्पिटल कर्मचारियों कम्प्यूटर ऑपरेटर एवं सीनियर सपोर्ट को यूपी एनएचएम में समायोजित किया जाए। महानिदेशक महोदय के पत्र संख्या 11फ/ 2244 दिनांक 21 जून 2019 के अनुसार अभी तक पद सृजित नहीं हुआ है, उसे सृजित किया जाए। 

वहीं, बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डॉ. राजीव लोचन का कहना है कि संविदाकर्मी भी अपनी जगह सही हैं, मगर अंतिम निर्णय एनएचएम का है। हमारे यहां मरीजों को कोई परेशानी नहीं हुई।

 

मुसीबत में फंसी मरीजों की जान 

बता दें, सिविल, बलरामपुर, लोकबंधु, अवंतीबाई (डफरिन), लोहिया अस्पतालों में सोमवार को सुबह आठ बजे से दस बजे तक सामूहिक कार्य बहिष्कार किया जा रहा है। इससे इमरजेंसी को छोड़कर ऑनलाइन पर्चा बनना, भर्ती होना, शुल्क जमा करना आदि काम प्रभावित रहेंगे।

 

Posted By: Divyansh Rastogi

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप