लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में सर्दी के मौसम में लगातार बारिश ने किसानों की बेचैनी बढ़ा दी है। आलू, सरसों, तोरिया और सब्जी की फसलों में पहले ही नुकसान होने लगा था, अब गेहूं व जौ जैसी फसलों पर भी अतिवृष्टि भारी पड़ती दिख रही है। एक दर्जन से अधिक जिलों में सामान्य से ज्यादा वर्षा व कई स्थानों पर उपलवृष्टि से आलू, सरसों, राई और तोरिया जैसी फसलों में 50 प्रतिशत नुकसान की आशंका जताई जा रही है। पानी की अधिकता से खेत में आलू गलने का डर है। कई स्थानों में बीमारी का प्रकोप बढ़ेगा। वहीं मंडियों में आवक कम होने से सब्जियों के दामों में भी उछाल तय है।

संयुक्त निदेशक कृषि राजेश गुप्ता का कहना है कि नवंबर के अंतिम सप्ताह से अधिकतर जिलों में इंद्रदेव की भरपूर कृपा रही है। पिछले पांच वर्षों में इस बार सर्वाधिक वर्षा हुई है। मौसम में नमी अधिक होने का विपरित प्रभाव फसलों में दिखने लगा है। पछैती गेहूं की बोआई भी नहीं हो पा रही है। वाराणसी के किसान रामकुमार का कहना है कि वर्षा व ओला से हो रहे नुकसान की सरकार को भरपाई करनी चाहिए।

और महंगी होंगी सब्जियां

मौसम खराब होने का सीधा सब्जियों के दाम पर भी पड़ा है। अधिक वर्षा व ओलावृष्टि से आलू व हरी सब्जियों की फसलों को भारी क्षति है। खेतों में पानी भरने से आलू व गाजर आदि की खोदाई धीमी पड़ी है। अन्य सब्जियों की कटाई का कार्य भी रुका है। ऐसे में मंडियों में उनकी आवक कम होने से कीमतों में उछाल तय माना जा रहा है।

Posted By: Umesh Tiwari

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