लखनऊ, जेएनएन। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के दौरे से पहले ही नाविकों पर पुलिस के लाठीचार्ज और उनकी नावों को तोड़े जाने के मामले को प्रियंका गांधी वाड्रा ने बड़ा मुद्दा बना लिया है। प्रियंका की पहल पर जिन निषाद परिवार की नाव को नुकसान पहुंचा है, उनको कांग्रेस संयुक्त रुप से दस लाख रुपया देगी। इसके साथ ही प्रियंका गांधी ने निषादों के अधिकारों की बड़ी लड़ाई लडऩे का एलान कर दिया है।

प्रियंका गांधी ने कहा है कि सारी नदी के संसाधनों पर पहला हक निषादों का है। इसके साथ ही उन्होंने बालू खनन के लिए निषादराज कोपरेटिव सोसायटी के गठन की भी मांग की। प्रयागराज में यमुनापार क्षेत्र के बंसवार गांव में नाविकों पर पुलिस के लाठीचार्ज को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा उत्तर प्रदेश सरकार पर पूरी तरह से हमलावर हैं। उन्होंने नाविकों की हक की लड़ाई लड़ने और उनकी आर्थिक मदद करने का ऐलान किया है। इसे लेकर उन्होंने ट्वीट किया। प्रियंका वाड्रा ने लिखा है कि नदी के असली दावेदार और रक्षक निषाद समुदाय के लोग हैं। बंसवार, प्रयागराज में उत्तर प्रदेश पुलिस के उत्पीड़न के खिलाफ और निषाद समाज के अधिकारों के लिए वह लड़ाई लड़ेंगी।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि जिन निषाद परिवारों की नाव तोड़ी गई है उन सबको कांग्रेस की तरफ से संयुक्त रूप से दस लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। प्रियंका गांधी ने यह ऐलान भी किया कि कांग्रेस निषाद समुदाय के अधिकारों के लिए नदी अधिकार यात्रा भी निकालेगी।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि कांग्रेस ने तय किया है कि निषादों को उनका हक दिलाया जाएगा। नदी के संसाधनों पर पहला हक निषादों का है। साथ ही उन्होंने बालू खनन के लिए निषादराज कोपरेटिव सोसायटी के गठन की भी मांग की। उन्होंने मांग की कि उत्तर प्रदेश सरकार बालू माफिया और बड़ी-बड़ी कंपनियों के अवैध खनन की जांच करे और श्वेत पत्र जारी कर बताए कि कहां पर किन-किन नदियों में खनन किया जा रहा है।