लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। कोरोना संक्रमण की खतरनाक दूसरी लहर भले ही थम चली हो, लेकिन कांग्रेस इस पर सियासी तूफान खड़ा करने की तैयारी में है। कोरोना से मौतों के सरकारी आंकड़ों को झूठा करार दे रही कांग्रेस एक-एक मृतक का नाम-पता सहित पूरा ब्योरा बतौर सुबूत जुटा रही है। पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका वाड्रा की यह रणनीति आगामी विधानसभा चुनाव में सरकार और भाजपा को 'कठघरे' में खड़ा करने की है।

कोरोना संक्रमण का प्रकोप कम होते ही राजनीतिक दलों ने वर्ष 2022 में होने जा रहे विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। सरकार कोविड प्रबंधन पर अपनी पीठ थपथपा रही है। जाहिर है कि चुनावी मैदान में इसका उल्लेख करना भी चाहेगी कि किस तरह दूसरी लहर को इतने कम समय में काबू करने में सफलता पाई। इधर, सरकार के कोविड प्रबंधन पर लगातार सवाल उठा रही कांग्रेस अपनी तैयारी में है। वह भी कोरोना के मुद्दे पर भाजपा से लड़ने के लिए कमर कस रही है। आंकड़ों की काट आंकड़ों से करने की रणनीति तैयार की गई है।

कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता बृजेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश प्रभारी प्रियंका वाड्रा की रणनीति के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने एक प्रोफार्मा तैयार कराया। वह ग्राम पंचायत स्तर तक संगठन कार्यकर्ताओं को दे दिया गया है। पार्टी कार्यकर्ता एक-एक गांव में जाकर पता कर रहे हैं कि कितने लोगों की मृत्यु कोरोना के कारण हुई।

प्रोफार्मा पर पूरा ब्योरा लिया जाएगा कि संक्रमित कब हुए, अस्पताल में भर्ती हुए या नहीं, अस्पताल में भर्ती हुए तो इलाज या जरूरी दवा, आक्सीजन, बेड आदि में क्या समस्या आई और भर्ती नहीं हो सके तो क्यों? यह जानकारी देने वाले का मृत व्यक्ति से संबंध भी उसमें नाम व फोन नंबर सहित लिखा जा रहा है। यह सारे आंकड़े जुटाने के बाद कांग्रेस सरकार के खिलाफ कोरोना को लेकर मोर्चा खोलेगी।

हर मृतक के घर जाएगा प्रियंका का पत्र : पार्टी प्रवक्ता ने बताया कि यह अभियान ही तब शुरू हुआ, जब एक आकलन तैयार हो गया कि प्रदेश में लगभग छह-सात लाख लोगों की मौत हुई है। अब जब सभी मृतकों का डेटा तैयार हो जाएगा तो सभी के घर प्रियंका वाड्रा की ओर से संवेदना पत्र भी भेजा जाएगा।

संगठन की भी परख : कोरोना पीड़ितों का आंकड़ा जुटाने के साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं के जरिये दवाओं की किट भी भेजी जा रही है। इससे संगठन सृजन अभियान के तहत ग्राम पंचायत स्तर तक बनाए गए संगठन की परख भी करने का प्रयास चल रहा है।

Edited By: Umesh Tiwari