लखनऊ, जेएनएन। असत्य, दुर्भावनापूर्ण एवं भ्रामक बयान देकर सामाजिक क्षति पहुंचाने के मानहानि मामले को लेकर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा की ओर से दायर आपराधिक परिवाद पर एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय ने विधायक और उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार 'लल्लू' को दो मार्च को तलब किया है।

अदालत के समक्ष दाखिल परिवाद पर वादी श्रीकांत शर्मा ने कहा है कि चार नवंबर को अजय कुमार लल्लू ने प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सामने उनके विरुद्ध असत्य, दुर्भावनापूर्ण एवं भ्रामक बयान जारी किया था। ऊर्जा मंत्री ने परिवाद पत्र के माध्यम से कहा है कि चार नवंबर के बयान में लल्लू ने सार्वजनिक तौर पर यह भी कहा है कि गरीब जनता की बिजली कुछ सौ और हजार रुपये बकाए पर कटवा देने वाले मंत्री विभाग के खजाने से हजारों करोड़ रुपये देशद्रोहियों दाऊद इब्राहीम और इकबाल मिर्ची से जुड़ी कंपनियों को देते हैं। इन बयानों के अतिरिक्त व्यक्तिगत आरोप लगाते हुए लल्लू ने कहा है कि सितंबर-अक्टूबर 2017 में ऊर्जा मंत्री किस प्रायोजन से दुबई गए थे और वहां किन-किन लोगों से मुलाकात की। दुबई का दौरा उसी समय किया गया, जब डीएचएफएल का पैसा सनब्लिंक कंपनी को जा रहा था। लिहाजा, पूरे प्रकरण की जांच कराई जाए।

ऊर्जा मंत्री ने अपने बयान में स्पष्ट रूप से कहा है कि वह न तो दाऊद इब्राहीम को जानते हैं और न ही इकबाल मिर्ची को। यहां तक कि वह कभी दुबई तक नहीं गए। उन्होंने कहा कि वह भाजपा के राष्ट्रीय सचिव रह चुके हैं तथा विगत विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के नेता विधानमंडल को हराया है। इसी कारण सुनियोजित षड्यंत्र के तहत मानहानि कारक बयान जारी किया गया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों से अजय कुमार लल्लू के विरुद्ध धारा 500 भा.दं.सं. का मामला बनता है। लिहाजा, उन्हें विचारण के लिए दो मार्च को तलब किया जाता है।

Posted By: Divyansh Rastogi

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