यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 05, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
प्रतिमा तोड़ने के खिलाफ कांग्रेसी सड़कों पर, 24 घंटे का अल्टीमेटम
मीरजापुर में पूर्व प्रधानमंत्री स्व.राजीव गांधी की प्रतिमा तोड़े जाने के आक्रोशित कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को लखनऊ समेत विभिन्न जिलों में प्रदर्शन किया।

लखनऊ (जेएनएन)। मीरजापुर में पूर्व प्रधानमंत्री स्व.राजीव गांधी की प्रतिमा तोड़े जाने के आक्रोशित कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को लखनऊ समेत विभिन्न जिलों में प्रदर्शन किया। पुलिस से धक्कामुक्की के बीच मुख्यमंत्री के पुतले दहन किए, ज्ञापन भी सौंपे गए। दोषियों की गिरफ्तारी 24 घंटे में न किए जाने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने चेतावनी दी कि मंगलवार दस बजे तक गिरफ्तारी न की गयी तो आरपार का संघर्ष होगा। इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी। मंगलवार को आगामी रणनीति भी तय होगी। लखनऊ में हजरतगंज चौराहे पर सांसद पीएल पुलिया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। जनांदोलन समिति के संयोजक स्वयंप्रकाश गोस्वामी, पूर्व मंत्री रामकृष्ण द्विवेदी, सत्यदेव त्रिपाठी, रणजीत सिंह जूदेव, श्यामकिशोर शुक्ला, प्रतिभा सिंह, बोधलाल शुक्ला व गौरव चौधरी आदि ने अपने संबोधन में मीरजापुर की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सरकार को कोसा।
सरकार के रवैये से नाराज कार्यकर्ताओं ने पुलिस से धक्कामुक्की के बीच मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता राजभवन पहुंचे और वहां धरना दिया। प्रवक्ता आरए प्रसाद ने बताया कि लगभग सभी जिलों में कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन करके सरकार के निकम्मेपन पर गुस्से का इजहार किया।
फैजाबाद में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा जौनपुर, बलिया, कुशीनगर, वाराणसी, रायबरेली, इलाहाबाद, मेरठ, हापुड़, बहराइच, मऊ, गोरखपुर, कानपुर, फर्रूखाबाद, सीतापुर, अलीगढ़, बरेली, मुरादाबाद, आगरा, एटा, शाहजहांपुर, बाराबंकी, गौतमबुद्धनगर व फीरोजाबाद आदि स्थानों पर धरना प्रदर्शन किए गए।
आंदोलन के बहाने शक्ति प्रदर्शन
प्रतिमा तोडऩे के मुद्दे पर प्रदेश भर में कांग्रेसियों में गहराए गुस्से को पार्टी कैश कराने की तैयारी में है। निकाय चुनाव से पूर्व कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने को आंदोलन में पूरी ताकत से जुटने की तैयारी है। विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद यह पहला मौका रहा जब कार्यकर्ता सड़कों पर दिखे। आंदोलन की गर्माहट बनाए रखने के लिए प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर खुद लखनऊ में डेरा डाले हैं। सभी फ्रंटल संगठनों और विभागों के प्रमुखों से आंदोलन को तैयार रहने के लिए कहा गया है।
उच्चस्तरीय जांच कराए : आजाद
मीरजापुर प्रकरण पर नाराजगी जताते हुए प्रभारी महासचिव गुलाम नबी आजाद ने प्रतिमा तोडऩे की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की निष्क्रियता से असामाजिक तत्व फिर सक्रिय हो गए है। कानून व्यवस्था दिन प्रति दिन खराब होती जा रही है। प्रतिमा तोडऩे से करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई है। दोषियों को पकड़कर उनको कड़ी सजा दिलायी जाएं।
