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लखनऊ, जेएनएन। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डॉ.पीएल पुनिया शनिवार को चौरसिया समाज की ओर से आयोजित धरने में बतौर मुख्य वक्ता शामिल हुए। इको गार्डन में आयोजित धरने में उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि में सबका साथ सबका विकास का दावा करने वाली प्रदेश सरकार की कार्यशैली का सच बुलंदशहर की घटना के बाद सामने आ गया है। अभी तक दारोगा को मारने वाले मुख्य अपराधी का पता तक नहीं चल पाया है और पुलिस मुख्य अपराधी के नाम पर कई लोगों को गिरफ्तार भी कर चुकी है। उन्होंने कहाकि सामाजिक न्याय समिति की आई रिपोर्ट में चौरसिया समाज को पिछड़ा वर्ग में शामिल करके उनके साथ अन्याय किया गया है जो सरकार की कार्य प्रणाली को दर्शाता है। जाति के नाम पर समाज को तोडऩा और बांटना इनकी फितरत में शामिल है। 

राष्ट्रीय पान किसान यूनियन के आह्वान पर आयोजित धरने के दौरान उन्होंने सरकार से चौरसिया समाज को अति पिछड़े में शामिल करने की मांग भी की और इसे लेकर शीघ्र ही राज्यपाल राम नाईक को ज्ञापन देने का समाज को आश्वासन भी दिया। इससे पहले यूनियन के महासचिव छोटेलाल चौरसिया ने कहा कि यादव को अति पिछड़े में शामिल किया गया है जबकि चौरसिया समाज राजनीतिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा हुआ है। उन्होंने कहाकि बिहार में समाज को अति पिछड़ा मेंं शामिल किया गया है जबकि यहां इस समाज से ऊंची जातियों को अति पिछड़ा में शामिल करके उनके साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने आरक्षण को लेकर बिहार मॉडल प्रदेश में लागू करने की भी मांग की।

यूनियन के कोषाध्यक्ष एसएन चौरसिया ने कहाकि प्रदेश सरकार में बैठे समाज के कुछ लोग इस पर राजनीति कर रहे हैं। समाज के अधिकारों की बात पर उनकी चुप्पी उनकी समाज के प्रति चेतना पर सवाल उठा रही है। प्रदर्शन में अध्यक्ष प्रभात किरन के अलावा एसएन शरण, सुनील वर्मा, राजकुमार चौरसिया, रामजीत चौरसिया व हेमंत समेत जौनपुर, महोबा, बरेली, उन्नाव, बहराइच, बाराबंकी, बुलंदशहर समेत कई जिलों से आए चौरसिया समाज के लोग शामिल हुए।

Posted By: Anurag Gupta

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