लखनऊ, जेएनएन। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव व उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की नान टेक्निकल पापुलर कैटेगरी (एनटीपीसी) परीक्षा परिणाम में कथित धांधली का विरोध कर रहे युवाओं का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को इनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए और गिरफ्तार किए गए छात्रों को रिहा किया जाना चाहिए। कांग्रेस नेता प्रियंका ने छात्रों के प्रति पुलिसिया दमन की निंदा की और छात्रों से आग्रह किया वे सरकार से बातचीत के लिए सत्याग्रह का रास्ता अपनाएं।

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों से शांतिपूर्ण तरीके से 'सत्याग्रह' के रास्ते पर चलने की अपील करते हुए कहा कि इसमें बहुत शक्ति है। कांग्रेस महासचिव ने ट्वीट कर कहा, 'रेलवे एनटीपीसी और ग्रुप डी की परीक्षाओं से जुड़े युवाओं के दमन के लिए जितनी भी निंदा की जाए, उतनी कम है।' उन्होंने कहा कि 'सरकार को दोनों परीक्षाओं से जुड़े युवाओं से तुरंत बात करनी चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।'

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि 'सरकार को छात्रों के छात्रावासों में तलाशी लेने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कार्रवाई पर रोक लगानी चाहिए। गिरफ्तार छात्रों को रिहा किया जाना चाहिए, उन्होंने मांग करते हुए कहा कि विरोध करने के लिए उम्मीदवारों को भर्ती से रोकने के आदेश को वापस लिया जाना चाहिए।'

बता दें कि रेलवे की नान टेक्निकल पापुलर कैटेगरी भर्ती परीक्षा परिणाम के विरोध में मंगलवार दोपहर अचानक प्रयाग स्टेशन पर ट्रेन रोकने, ट्रेन में आग लगाने की कोशिश करने और अराजक तत्वों पर बल प्रयोग का मामला बुधवार को सरगर्म रहा। ड्यूटी में लापरवाही तथा डेलीगेसी में घुस कर युवाओं पर लाठी चलाने वाले छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इस बीच पथराव के पीछे राजनीतिक फंडिंग के संकेत मिले हैं। पुलिस ने प्रकरण की जांच के लिए 11 सदस्यीय टीम गठित की है। पथराव के आरोप में दो छात्रों को गिरफ्तार किया गया है। उधर, बिहार में परीक्षा में धांधली को लेकर आक्रोशित छात्रों का गुस्सा रेलवे स्टेशन और ट्रेनों पर निकला। गया में बुधवार को कुछ घंटों के अंतराल पर दो बार ट्रेन की बोगियों में आग लगा दी गई। पहले एक बोगी में आग लगाई गई, कुछ घंटे बाद तीन और बोगियों को आग के हवाले कर दिया गया।

Edited By: Umesh Tiwari