लखनऊ, जेएनएन। सोनभद्र नरसंहार में दस लोगों के मारे जाने से आहत कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को सोनभद्र जाने से बलपूर्वक रोकने पर कांग्रेस में काफी उबाल है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन में राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा है। इससे पहले कल देर शाम से ही प्रदेश में जगह-जगह पर प्रियंका गांधी को मिर्जापुर में हिरासत में लेने का जोरदार विरोध हो रहा है।

कांग्रेस के राजभवन में राज्यपाल राम नाईक को सरकार के दमन का विरोध करने वाला ज्ञापन देने वाले दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में विधायक अराधना मिश्रा 'मोना' तथा अदिति सिंह के साथ पूर्व विधान परिषद सदस्य सिराज मेंहदी भी थे। कांग्रेस से राज्यसभा सदस्य रहे प्रमोद तिवारी ने कहा कि पार्टी महासचिव प्रियंका वाड्रा सोनभद्र में शांति का संदेश देने जा रही थीं।

नरसंहार में मारे गए किसानों के परिजनों से मिलने जाते समय सरकार ने उन्हें बलपूर्वक रोक कर गिरफ्तार कर लिया। इसका कोई लिखित नोटिस भी नहीं दिया। यह शर्मनाक और निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार विपक्ष के संवैधानिक दायित्व के निर्वहन में बाधा डाल रही है।

 

Posted By: Dharmendra Pandey

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