लखनऊ, जेएनएन। प्रपत्रों में हेरफेर कर लाए जा रहे अलग-अलग माल से भरे तीन ट्रकों पर वाणिज्यकर की प्रवर्तन टीम ने कार्रवाई की। ट्रकों में घोषित माल से इतर चीजें मिलीं और प्रपत्रों में गड़बड़ी पाई गई। इस पर वाणिज्यकर टीम ने तीनों मामलों में कर चोरी के 11.82 लाख रुपये जमा कराए। एडिशनल कमिश्नर वाणिज्यकर अनंजय रॉय ने बताया कि ज्वाइंट कमिश्नर संतोष कुमार साहू और सहायक कमिश्नर वाणिज्य कर डॉ. मनोज कुमार शुक्ला की टीम ने कागज में हेरफेर कर लाए जा रहे माल पर बीते तीन दिनों में बड़ी कार्रवाई की और टैक्स चोरी का पैसा जमा कराया।

क्रॉकरी दिखाई आगरा की और भेज दिया लखनऊ

ई-वे बिल में दिल्ली से आगरा दर्शाकर क्रॉकरी लखनऊ भेज दी गई। माल बजाय आगरा उतरने के लखनऊ आ पहुंचा। जब सचल दल द्वितीय की इकाई के एसी ने वाहन को कैंट क्षेत्र में रोका और पड़ताल की तो ई-वे बिल में समयावधि और दूरी दुरुस्त देख वाहन छोडऩे जा रहे थे कि माल बुकिंग में दिल्ली से लखनऊ के बजाय आगरा दर्ज देख उस पर कार्रवाई कर दी। कागज कहीं का दिखाकर माल कहीं और उतारने की तैयारी थी। फर्म से 4.88 लाख रुपये जमा कराए गए।

घोषित से अधिक मिला माल, जा रहा था बिहार

ई-वे बिल में परचून का जो सामान दर्शाया गया था, उससे दोगुना माल लेकर ट्रक दिल्ली से बिहार जा रहा था। मोहनलालगंज के पास प्रवर्तन टीम ने पकड़ा तो उसमें गारमेंट्स, एलईडी समेत कई आइटम घोषित माल से काफी अधिक पाए गए। यहां से दस्ते ने 4.24 लाख रुपये का टैक्स जमा कराया।

प्लास्टिक का दाना पकड़ा

कानपुर से लखनऊ तालकटोरा ले जाया जा रहा प्लास्टिक का लाखों का दाना (स्क्रैप, इससे प्लास्टिक के विभिन्न आइटम गलाकर तैयार किए जाते हैं) वाणिज्यकर दस्ते ने नादरगंज में पकड़ लिया। अधिकारियों के मुताबिक इसमें भी घोषित माल से करीब दोगुना माल मिला। इससे लाखों का माल तैयार किया जाना था। सचल दल द्वितीय इकाई ने टैक्स में गड़बड़ी कर लाए जा रहे माल पर पेनाल्टी समेत टैक्स वसूल किया।

 

Posted By: Anurag Gupta

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