कोडीन कफ सीरप मामला: मुख्य आरोपी शुभम और गौरव को दुबई से लाने की प्रक्रिया तेज, STF ने विदेश मंत्रालय को भेजी फाइल
कोडीनयुक्त कफ सीरप के अवैध कारोबार में मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल और गौरव जायसवाल को दुबई से भारत लाने की ...और पढ़ें

HighLights
मुख्य आरोपी शुभम-गौरव को दुबई से लाने की प्रक्रिया तेज।
एसटीएफ ने चौथी चार्जशीट दाखिल कर फाइल विदेश मंत्रालय भेजी।
विदेश मंत्रालय के माध्यम से प्रत्यर्पण की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। कोडीनयुक्त कफ सीरप के अवैध कारोबार से जुड़े मामले में मुख्य आरोपित शुभम जायसवाल और उसके मौसेरे भाई गौरव जायसवाल को दुबई से भारत लाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। एसटीएफ ने 11 अक्टूबर को शुभम, गौरव समेत चार आरोपितों के विरुद्ध करीब 38 हजार पन्नों की चौथी चार्जशीट दाखिल की थी।
चार्जशीट में लेनदेन, बिलिंग, फर्मों और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े साक्ष्य शामिल किए गए हैं। इसके बाद दोनों को भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण संबंधी दस्तावेजों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।एसटीएफ ने शुभम और गौरव के विरुद्ध जांच में सामने आए तथ्यों, चार्जशीट और अन्य कानूनी दस्तावेजों को संकलित कर प्रत्यर्पण की फाइल तैयार की है। यह फाइल गृह विभाग के माध्यम से विदेश मंत्रालय को भेजी गई है।
इसके बाद दोनों आरोपितों को भारत वापस लाने के लिए केंद्र सरकार के स्तर से निर्धारित कानूनी और कूटनीतिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। दोनों के दुबई में होने के कारण एसटीएफ संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है।
सप्लाई नेटवर्क से जुड़े दस्तावेज जुटाए
एसटीएफ की जांच में शुभम को नेटवर्क का मुख्य आरोपित बताया गया है, जबकि गौरव की भूमिका वित्तीय लेनदेन के प्रबंधन से जुड़ी सामने आई है। चार्जशीट में दोनों के अलावा विकास सिंह नर्वे और अमित जायसवाल को भी आरोपित बनाया गया है। जांच में विभिन्न फर्मों के माध्यम से सीरप की खरीद-बिक्री, बिलिंग, बैंक लेनदेन और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े दस्तावेज जुटाए गए हैं।
एसटीएफ का मानना है कि शुभम और गौरव को भारत लाकर पूछताछ किए जाने पर नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों, फर्मों और वित्तीय लेनदेन से जुड़ी कड़ियों की पड़ताल में मदद मिल सकती है।अब प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में चार्जशीट समेत जांच से जुड़े दस्तावेज अहम आधार होंगे।
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विदेश मंत्रालय के स्तर से संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद संयुक्त अरब अमीरात के समक्ष औपचारिक अनुरोध भेजे जाने की कार्रवाई आगे बढ़ेगी। दोनों की भारत वापसी संबंधित कानूनी और कूटनीतिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
