'सीएम युवा उद्यमी अभियान' ने दिए पंख, अमेठी में अर्चना त्रिपाठी की सफलता बनी दूसरी महिलाओं के लिए मिसाल
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत अर्चना त्रिपाठी ने 2.12 लाख रुपये का ऋण लेकर अमेठी में अपना 'अर्चना ...और पढ़ें

HighLights
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान ने अर्चना को दी उड़ान।
2.12 लाख के ऋण से खोला 'अर्चना ब्यूटी पार्लर'।
अब हर महीने 30-40 हजार रुपये की शानदार कमाई।
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' का संकल्प अब धरातल पर साकार हो रहा है। सरकार द्वारा संचालित 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' (सीएम-युवा) प्रदेश की महिलाओं और युवाओं के सपनों को नई उड़ान दे रहा है। इसी योजना की बदौलत अमेठी जिले के मुसाफिरखाना की रहने वाली अर्चना त्रिपाठी ने खुद को एक आम गृहिणी से एक सफल उद्यमी के रूप में स्थापित कर लिया है। उनका 'अर्चना ब्यूटी पार्लर' आज महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की एक जीती-जागती मिसाल बन चुका है।
बैंक से मिली जानकारी, और बदल गई सोच
मुसाफिरखाना नगर पंचायत के वार्ड संख्या-08 (पूरे भवानी बक्स) की निवासी अर्चना त्रिपाठी हमेशा से अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहती थीं। लेकिन, 6 सदस्यों वाले परिवार की सीमित आय और पूंजी की कमी उनके सपनों के आड़े आ रही थी। इसी बीच, एक दिन बैंक के माध्यम से उन्हें 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' के बारे में पता चला। बिना देर किए उन्होंने इस योजना को अपना हथियार बनाया और अपने सपनों को हकीकत में बदलने के लिए आवेदन कर दिया।
2.12 लाख के लोन ने आसान की राह
योजना के तहत अर्चना के आवेदन को मंजूरी मिल गई और जनवरी 2025 में उन्हें बैंक के जरिए 2.12 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस आर्थिक मदद ने उनकी सबसे बड़ी परेशानी को दूर कर दिया। इसी पूंजी से उन्होंने अपने 'अर्चना ब्यूटी पार्लर' की नींव रखी। अर्चना बताती हैं कि सरकार से मिली इस समयबद्ध मदद ने न केवल उन्हें आर्थिक बल दिया, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी कई गुना बढ़ा दिया। जो सपना कल तक सिर्फ एक इच्छा था, वह आज एक चमकता हुआ व्यवसाय बन गया है।
आज हर महीने 40 हजार की शानदार कमाई
कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहने वाली अर्चना आज अपने क्षेत्र में एक सफल बिजनेसवुमन के तौर पर पहचानी जाती हैं। उनका ब्यूटी पार्लर शानदार तरीके से चल रहा है और वे हर महीने 30 से 40 हजार रुपये की अच्छी कमाई कर रही हैं। इस आय से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद मजबूत हो गई है। आज वह घर की जिम्मेदारियों में भी कंधे से कंधा मिलाकर अपना महत्वपूर्ण आर्थिक योगदान दे रही हैं।
भविष्य का लक्ष्य और अन्य महिलाओं के लिए संदेश
अपनी इस सफलता से उत्साहित अर्चना भविष्य में अपने व्यवसाय को और भी बड़े स्तर पर ले जाना चाहती हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को अपनी बेहतर सर्विस दे सकें। उनका साफ मानना है कि अगर महिलाओं को सही समय पर मार्गदर्शन और आर्थिक मदद मिले, तो वे कुछ भी कर सकती हैं। आज अर्चना त्रिपाठी की यह कहानी सिर्फ उनकी नहीं है, बल्कि उन हजारों महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है जो योगी सरकार की नीतियों के साथ कदम से कदम मिलाकर आत्मनिर्भर भारत की नई तस्वीर गढ़ रही हैं।
