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लखनऊ बनेगा 'स्टेट कैपिटल रीजन' का हब: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे नए शहर, किसानों के खाते में सीधे पहुंचा करोड़ों का मुआवजा

Published: Thu, 24 Sep 2026 09:58 PM (IST)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में 12 हजार करोड़ की 'वरुण विहार' और 'नैमिष नगर' आवासीय योजनाओं का भूमिपूजन किया, ...और पढ़ें

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HighLights

  1. मुख्यमंत्री ने 12 हजार करोड़ की आवासीय योजनाओं का भूमिपूजन किया।

  2. 'वरुण विहार' और 'नैमिष नगर' से 10 लाख लोगों को लाभ मिलेगा।

  3. लखनऊ को 'स्टेट कैपिटल रीजन' हब बनाने का विजन प्रस्तुत किया।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। राजधानी लखनऊ में अपना घर बनाने का सपना देख रहे लोगों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बड़ी सौगात दी। आगरा एक्सप्रेसवे के निकट ग्राम दोना में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाली लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की 'वरुण विहार' और 'नैमिष नगर' योजनाओं का भूमिपूजन किया। इस दौरान 4520 भूखंडों के पंजीकरण का शुभारंभ करने के साथ ही 2166 करोड़ रुपये की लागत वाले पांच नए मल्टीस्टोरी हाउसिंग प्रोजेक्ट्स (लेक व्यू, पार्क व्यू, ऐशबाग स्क्वॉयर, अदिति और वागेश्वरी अपार्टमेंट) की आधारशिला भी रखी गई।

10 लाख से अधिक लोगों का संवरेगा भविष्य

ये दोनों भव्य आवासीय योजनाएं कुल 10,680 एकड़ में आकार लेंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि 6500 एकड़ में फैले वरुण विहार में करीब छह लाख लोगों को, जबकि 4100 एकड़ में विकसित होने वाले नैमिष नगर में चार लाख लोगों को अत्याधुनिक आवासीय सुविधाएं मिलेंगी। आध्यात्मिक विरासत को सहेजने के उद्देश्य से लखनऊ और सीतापुर के सीमावर्ती क्षेत्र में नैमिष नगर को विकसित किया जा रहा है। ये योजनाएं छात्रों, युवाओं, पेशेवरों और राजधानी में अपना भविष्य देखने वाले हर नागरिक के लिए सुरक्षित और सुविधायुक्त आवास का नया विकल्प बनेंगी।

कनेक्टिविटी का विस्तार: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे नए शहर

परिवहन और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर देते हुए सीएम योगी ने ऐलान किया कि वरुण विहार योजना के बीच से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की सीधी कनेक्टिविटी दी जाएगी। इससे लखनऊ और सीतापुर के बीच की दूरी सिमट जाएगी और फोरलेन कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। चौतरफा कनेक्टिविटी, किसान पथ, ग्रीन कॉरिडोर और टाटा-अशोका लीलैंड के ईवी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लखनऊ को एक नए इंडस्ट्रियल हब के रूप में स्थापित कर रहे हैं।

'कट्टा-बम नहीं, अब बन रही ब्रह्मोस मिसाइल'

पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जहां अनियोजित कॉलोनियां कटती थीं और जलजमाव व दबंगों के आतंक से लोग नारकीय जीवन जीते थे, वहीं आज अटलजी के सपनों का लखनऊ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में नई बुलंदियां छू रहा है। सीएम ने स्पष्ट कहा कि अब लखनऊ में कट्टा और बम नहीं बनते, बल्कि यहां ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है, जिसके इस्तेमाल से दुश्मन भी थर्राता है।

किसानों को सीधा मुआवजा और 'स्टेट कैपिटल रीजन' का विजन

भूमि अधिग्रहण में पारदर्शिता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब एलडीए और किसानों के बीच कोई बिचौलिया नहीं है। मुनिश्वर सिंह, नमरा फातिमा और ओमप्रकाश अवस्थी जैसे कई किसानों के खातों में 1.96 करोड़ से 3.13 करोड़ रुपये तक का मुआवजा सीधे भेजा गया है। सीएम ने किसानों को सलाह दी कि इस पैसे से 'बोलेरो' खरीदने के बजाय इसे जमीन या उद्योग में निवेश करें, ताकि भविष्य सुरक्षित रहे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि लखनऊ, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी, सीतापुर और रायबरेली को मिलाकर 'स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर)' के विकास का मास्टर प्लान भी तैयार किया जा रहा है, जो पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल देगा।