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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीएम योगी का चला हंटर, आधा दर्जन अधिकारियों को स्पष्टीकरण के साथ निलंबित करने के दिए निर्देश

By Jagran NewsEdited By: Vinay Saxena
Published: Thu, 21 Dec 2023 05:43 PM (IST)

इंटीग्रेटेड ग्रीवांस रेड्रेसल सिस्टम की शिकायतों को गंभीरता से न लेने और निपटारे में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ ...और पढ़ें

आईजीआरएस की शिकायतों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ योगी सरकार ने अपनाया कड़ा रुख।
आईजीआरएस की शिकायतों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ योगी सरकार ने अपनाया कड़ा रुख।

HighLights

  1. मुख्यमंत्री ने नियुक्ति, ग्राम्य विकास, गृह, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और नगर विकास विभाग के मामलों का लिया संज्ञान
  2. लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराने के दिये गये निर्देश

ड‍िजि‍टल डेस्‍क, लखनऊ। इंटीग्रेटेड ग्रीवांस रेड्रेसल सिस्टम (आईजीआरएस) की शिकायतों को गंभीरता से न लेने और निपटारे में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ योगी सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा बैठक में लापरवाही बरतने वाले करीब आधा दर्जन अधिकारियों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेते हुए स्पष्टीकरण से लेकर निलंबन तक की कार्रवाई के आदेश दिये हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से नियुक्ति विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, गृह विभाग, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग और नगर विकास विभाग को पत्र जारी करते हुए लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई कर अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं। 

खंड विकास अधिकारी को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री सचिव अमित सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आईजीआरएस की शिकायतों के निपटारे में लापरवाही को संज्ञान में लिया है। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिये हैं। इस पर नियुक्ति विभाग को कानपुर नगर की तहसील नर्वल में शिकायतकर्ता की फाइल गायब होने के आठ माह बाद भी अपर जिलाधिकारी द्वारा तत्कालीन पेशकार अनुज त्रिपाठी पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी, जबकि उनको दोषी पाया गया था। इस पर अपर जिलाधिकारी को स्पष्टीकरण नोटिस देने के निर्देश दिए गए हैं।

इसी तरह सुल्तानपुर के ग्राम सलाहपुर, ब्लॉक भदैया में प्रधान सचिव पर घूस न देने के कारण अपात्र को प्रधानमंत्री आवास की पहली किश्त जारी करने की शिकायत पर संबंधित ग्राम विकास अधिकारी को मध्यावधिक प्रतिकूल प्रविष्टि प्रदान की गई, लेकिन खंड विकास अधिकारी द्वारा मामले को मांग श्रेणी में फ्लैग करते हुए स्पेशल क्लोज कर दिया गया। इससे शिकायतकर्ता को फीडबैक देने का विकल्प समाप्त हो गया, जो शासनादेश का उल्लंघन है।

इस पर ग्राम्य विकास विभाग को मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से खंड विकास अधिकारी को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं। वहीं कुशीनगर में ग्राम पंचायत की निर्माणाधीन सड़क को अधूरा छोड़ने की शिकायत के निस्तारण में खंड विकास अधिकारी द्वारा लापरवाही पर खंड विकास अधिकारी मोतीचक को स्पष्टीकरण नोटिस जारी करने के निर्देश दिये गये हैं।

सीतापुर और बिसवां के अधिशासी अधिकारी को निलंबित करने के दिए निर्देश

आईजीआरएस पर सुल्तानपुर ग्राम हांसापुर की तहसील कादीपुर में ग्रामसभा की जमीन पर लगे पेड़ों को काटकर बेचने की शिकायत के मामले में जयसिंहपुर क्षेत्राधिकारी और मोतीगढ़पुर थाना के उपनिरीक्षक द्वारा लापरवाही के साथ ही पोर्टल पर सतही आख्या दी गई। इस पर मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से गृह विभाग को क्षेत्राधिकारी जयसिंहपुर को स्पष्टीकरण नोटिस देने के साथ मोतीगढ़ प्रभारी निरीक्षक को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं।

इसी तरह खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को हरदोई के ग्राम पेड़ाबहर की प्राप्त शिकायत में खाद्य सुरक्षा अधिकारी एएस गंगवार द्वारा लापरवाही बरतने पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं। इसके अलावा आईजीआरएस पर सीतापुर में नाली की सफाई और निर्माण में लापरवाही की शिकायत की गई। आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा बैठक के दौरान मामले में नगर पालिका बिसवां और सीतापुर के अधिशासी अधिकारी की रिपोर्ट अलग-अलग पायी गई, जो यह दर्शाता है कि शिकायत का समुचित समाधान नहीं किया गया।

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इस पर जिलाधिकारी ने नगर पालिका बिसवां के अधिशासी अधिकारी विजयपाल सिंह और नगर पालिका सीतापुर के अधिशासी अधिकारी वैभव त्रिपाठी को सचेत करने का उल्लेख किया गया। ऐसे में मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से नगर विकास विभाग को दोनों को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं।

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