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यूपी पीएसी में तैयार होगा आईसीसीसी, एक ही डिजिटल नेटवर्क में जुड़ेंगी सभी वाहिनियां; CM योगी का निर्देश

Published: Fri, 05 Jun 2026 12:39 AM (IST)Updated: Fri, 05 Jun 2026 06:33 AM (IST)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी पीएसी, एसडीआरएफ और यूपीएसएसएफ के आधुनिकीकरण के निर्देश दिए हैं। इसमें पीएसी को डिजिटल नेटवर्क ...और पढ़ें

पीएसी में तैयार होगा आईसीसीसी।

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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। राज्य में सभी पीएसी वाहिनियों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ने के लिए इंटीग्रेटेड कमांड व कंट्रोल सेंटर (आइसीसीसी) का तंत्र विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संदर्भ में अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। साथ ही कहा है कि कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए जीपीएस आधारित वाहन ट्रैकिंग, ड्रोन, एआइ आधारित निगरानी व सुरक्षित संचार प्रणाली विकसित की जाए।

गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर मुख्यमंत्री ने प्रांतीय आर्म्ड कांस्टेबुलरी (पीएसी), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) व उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (यूपीएसएसएफ) के आधुनिकीकरण को लेकर बैठक की।

उन्होंने कहा कि किसी भी सुरक्षा बल की वास्तविक शक्ति उसके प्रशिक्षित, अनुशासित और तकनीकी रूप से दक्ष कार्मिक होते हैं। इसलिए सुरक्षा बलों के प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक और तकनीक आधारित बनाया जाए।

पीएसी, एसडीआरएफ और यूपीएसएसएफ प्रदेश की सुरक्षा प्रणाली के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इन्हें भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीएसी के जवानों की विशिष्ट वर्दी हो। वह सिविल पुलिस की वर्दी से मिलती-जुलती न हो।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि सभी पीएसी के वाहनों में जीपीएस व डैशकैम (डैशबोर्ड कैमरा) स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा के दृष्टिकोण से महिला बटालियनों के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बदायूं, लखनऊ और गोरखपुर में महिला बटालियनों का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने तीनों बटालियन परिसर में वीरांगना अवंतीबाई, उदा देवी और झलकारी बाई की अश्वारोही प्रतिमा स्थापित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने मानसून के मद्देनजर बाढ़ व आपदा प्रबंधन की तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि बाढ़ राहत व बचाव कार्यों के लिए सभी उपकरणों और उनकी कार्यशीलता की भी जांच की जाए।

एसडीआरएफ की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में एसडीआरएफ की टीमें 12 जिलों में तैनात हैं। संभावित बाढ़ परिस्थितियों को देखते हुए 15 जिलों में अतिरिक्त तैनाती का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने पीएसी बैंड के कार्मिकों के समयबद्ध पदोन्नति की नियमावली तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही कहा कि एसडीआरएफ को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से खोज व बचाव कार्यों के लिए ह्यूमन लिफ्टिंग ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एयरपोर्ट, मेट्रो नेटवर्क, आरआरटीएस, न्यायालय परिसरों, महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों तथा प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के क्षेत्र में इसकी जिम्मेदारी निरंतर बढ़ रही है।

वर्तमान में यूपीएसएसएफ 11 एयरपोर्ट, चार मेट्रो नेटवर्क, मेरठ आरआरटीएस, लोकभवन, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तथा पांच जिला न्यायालयों की सुरक्षा का दायित्व निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने यूपीएसएसएफ में तैनाती के लिए मानकीकरण के निर्देश दिए।

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