यूपी में कांवड़ शिविरों में सेवा और संवाद करेंगे बीजेपी के विधायक, सीएम योगी ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा विधायकों को कांवड़ शिविरों में जाकर श्रद्धालुओं की सेवा और संवाद करने के निर्देश दिए ...और पढ़ें

HighLights
सीएम योगी ने भाजपा विधायकों को कांवड़ शिविरों में जाने को कहा।
विधायक श्रद्धालुओं से संवाद करेंगे और व्यवस्थाएं देखेंगे।
यह कदम भाजपा के धार्मिक एजेंडे को मजबूत करेगा, पश्चिमी यूपी में लाभ।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। महादेव की आराधना पथ पर निकले श्रद्धालुओं के साथ भगवा राजनीति की समानांतर धारा भी चल रही है। कांवड़ियों की सेवा के लिए भाजपा के जनप्रतिनिधि भी कांवड़ शिविरों में पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि भाजपा विधायक(विधान सभा व विधान परिषद सदस्य) अपने-अपने क्षेत्रों के शिविरों में श्रद्धालुओं का प्रबंध देखें व उनसे संवाद करें।
राजनीति जानकारों का मानना है कि कांवड़ यात्रा हर वर्ष भाजपा के धार्मिक एजेंडे को नई धार देती है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में इसका फायदा भी मिलता रहा है। यूपी में कांवड़ियों की सबसे बड़ी संख्या पश्चिमी रूट यानी हरिद्वार और बिजनौर से प्रवेश करके मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद और हापुड़ के रास्तों से गुजरती है।
इस रास्ते में श्रद्धालु मेरठ में औघड़नाथ मंदिर, बागपत में पुरा महादेवा मंदिर और गाजियाबाद में दूधेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक करते हैं। बड़ी संख्या में कांवड़ शिविरों में मंत्री, सांसद, विधायक एवं एमएलसी समेत अन्य जनप्रतिनिधि पहुंचते रहे हैं। कई बार जनप्रतिनिधियों को कांवड़ निकालते देखा गया है। हर वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान सीएम योगी श्रद्धालुओं पर हेलीकाप्टर से पुष्पवर्षा कर भगवा राजनीति का रंग गाढ़ा करते हैं।
चुनाव नजदीक होने की वजह से इस वर्ष कांवड़ शिविरों में भाजपाइयों की संख्या बढ़ी है। इसमें टिकट की कतार में खड़े कार्यकर्ताओं की संख्या ज्यादा है। उधर, वाराणसी में गंगा घाटों से काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए बड़ी संख्या में कांवड़ भक्त गंगाजल लेकर निकलते हैं। प्रयागराज में त्रिवेणी संगम से स्थानीय शिव मंदिरों के लिए जलयात्रा निकलती है।
