लखनऊ, जेएनएन। डॉ भीमराव आंबेडकर की 64वीं पुण्य तिथि/ परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने उनकी प्रमिता पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि यह वर्ष बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की स्मृति का महत्वपूर्ण वर्ष है। संविधान शिल्पी के रूप में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी ने अपने पूरे जीवन की साधना को संविधान को समर्पित किया। जो व्यक्ति भारत के संविधान का अपमान करता है, वह अप्रत्यक्ष रूप से बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी का भी अपमान करता है। हमारी केंद्र और राज्य सरकारें बाबा साहेब के विचारों को आगे बढाने का हर संभव प्रयास कर रही है। राज्य सरकार ने सभी स्कूल कालेजों में उनकी तस्वीर लगाना अनिवार्य किया। केंद्र सरकार ने संविधान दिवस मनाना शुरू किया। हम वंचित समाज के लोगों की शिक्षा को बढ़ा रहे हैं ताकि वे अपनी बात को आगे रख सकें। इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, विधि मंत्री ब्रजेश पाठक, श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और महापौर संयुक्ता भाटिया और अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष डॉ लाल जी प्रसाद निर्मल मौजूद रहे। 

 

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब ने कहा था कि अनुच्‍छेद 370 देश के अंदर विभाजनकारी तत्वों को सिर उठाने का अवसर प्रदान करेगी। जैसे भी हो इसे समाप्त करना चाहिए और उनकी बात सही साबित हुई। प्रधानमंत्री जी ने अनुच्‍छेद 370 हटाई और यही बाबा साहब को सच्ची श्रद्धांजलि है। 26 नवंबर को प्रधानमंत्री जी ने संविधान दिवस के रूप में मनाने की परंपरा आरम्भ की। इस वर्ष तो उत्तर प्रदेश विधान सभा में संविधान दिवस पर विशेष सत्र भी आहूत किया गया।

सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने हर गरीब को 2022 तक छत और शौचालय बनाकर देने की घोषणा की। दलितों, वंचितों को विद्युत और गैस कनेक्शन दिये गये और आयुष्मान भारत योजना से प्रधानमंत्री ने बाबा साहब के 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के सपने को साकार किया है। उत्तर प्रदेश में पिछले ढाई वर्षों में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 28 लाख से अधिक गरीबों को प्रधानमंत्री आवास की सुविधा दी गई। दो करोड़ 61 लाख गरीब परिवारों को शौचालय उपलब्ध कराये गये।

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा- ''संविधान शिल्पी, बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी का आधुनिक भारत के निर्माण में महत्तर योगदान है। उनका महापरिनिर्वाण दिवस हम भारतीयों को संविधान में वर्णित समता,एकता व सह-अस्तित्व की भावना को आत्मसात करते हुए 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' बनाने को प्रेरित करता है। बाबा साहब को सादर नमन!''

बदली शहर की यातायात व्‍यवस्‍था 

डॉ भीमराव आंबेडकर की 64वीं पुण्य तिथि/ परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर शहर में सुगम यातायात व्‍यवस्‍था बनाने के लिए इन रास्तों पर बदलाव रहेगा। एसपी यातायात पूर्णेंदु सिंह ने बताया कि यह बदलवा डॉ. भीमराव आंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्मारक स्थल पार्क गोमतीनगर में श्रद्धांजलि सभा के प्रस्तावित होने के चलते किया गया है। जिसमें बौद्ध भिक्षुओं द्वारा बाबा साहब की प्रतिमा के समक्ष पूजा अर्चना और माल्यार्पण किया जाएगा। इसके चलते यह डाइवर्जन सुबह छह बजे से कार्यक्रम की समाप्ति तक लागू रहेगा। 

इधर से न जाएं

  • गोमतीनगर की तरफ  से आंबेडकर उद्यान चौराहा। 
  • हजरतगंज की तरफ से आने वाला यातायात गांधी सेतु (1090) चौराहे से सामाजिक प्रतीक स्थल 
  • समता मूलक चौराहे से सामाजिक प्रतीक स्थल चौराहा या ताज होटल
  • आंबेडकर उद्यान चौराहा से सामाजिक प्रतीक स्थल पुल के नीचे से सामाजिक प्रतीक स्थल चौराहा के बीच। 

इधर से जाएं

  • गोमतीनगर की तरफ  से आने वाले डिगडिगा चौराहा, समता मूलक होकर।
  • हजरतगंज की ओर से आने वाले गांधी सेतु (1090) चौराहे से समता मूलक, डिगडिगा चौराहा होकर।
  • समता मूलक चौराहे से गांधी सेतु या डिगडिगा चौराहा होकर।

Posted By: Divyansh Rastogi

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