अयोध्या, जेएनएन। भव्य मंदिर में बनने वाले गर्भगृह में रामलला को स्थापित करने का समय अभी नहीं तय हो सका है, पर वैकल्पिक गर्भगृह में उनकी स्थापना 24 मार्च को होगी। इस मौके पर होने वाले पूजन-अनुष्ठान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल होंगे। वे अगले दिन यानी 25 मार्च को वासंतिक नवरात्र के प्रथम दिन भी रामलला के दरबार में मौजूद रहेंगे। इसी दिन से वैकल्पिक गर्भगृह में रामलला के दर्शन की शुरुआत होगी।

मुख्यमंत्री के आगमन का अधिकृत कार्यक्रम तो नहीं आया है, पर मौखिक तौर पर मिले आदेश के अनुरूप प्रशासन ने मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारी शुरू कर दी है। गत नौ नवंबर को सुप्रीम फैसला आने के साथ ही राम भक्त यह अपेक्षा करने लगे थे कि मंदिर निर्माण में तो वक्त लगेगा, पर तब तक के लिए गत 27 वर्ष से उपेक्षा के पर्याय अस्थाई गर्भगृह में विराजे रामलला को उनकी गरिमा के अनुरूप वैकल्पिक गर्भगृह में स्थापित किया जाए। भक्तों की भावना के अनुरूप इसी वर्ष पांच फरवरी को वजूद में आया श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इस दिशा में सक्रिय हुआ और अब तैयारियां परवान चढऩे के साथ वैकल्पिक गर्भगृह में रामलला के स्थापित होने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।

रामलला के साथ दर्शनार्थियों की सुविधा का ख्याल

टेंट के मौजूदा गर्भगृह के विपरीत रामलला का वैकल्पिक गर्भगृह फाइबर का होगा। इसमें रामलला की गौरव-गरिमा के अनुरूप सुविधा-सहूलियत के साथ सुरक्षा का भी पूर्ण ध्यान रखा गया है। मौजूदा गर्भगृह में जहां रामलला की आरती के वक्त अर्चकों के अलावा श्रद्धालुओं के रुकने की इजाजत और सुविधा नहीं थी, वहीं वैकल्पिक गर्भगृह में आरती के दौरान समुचित संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रह सकेंगे। मौजूदा गर्भगृह में एक दर्शनार्थी के लिए रामलला के दर्शन की अवधि सेकेंडों में थी, वहीं वैकल्पिक गर्भगृह में यह सुविधा कुछ मिनटों के लिए मिलेगी। रामलला के दर्शन के लिए पदयात्रा भी वर्तमान के मुकाबले एक किलोमीटर की बजाय सात सौ से आठ सौ मीटर तक ही करनी पड़ेगी और दर्शन भी 52 फीट की दूरी की बजाय 25 से 30 फीट दूर से संभव हो सकेगा।  

Posted By: Anurag Gupta

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