लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में अधेड़ महिला के साथ हैवानियत के बाद हत्या की घटना का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। सीएम योगी ने इस जघन्य घटना के संबंध में एडीजी जोन बरेली से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने निर्देश दिया है कि जल्द घटना की जांच की जाए और त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। बदायूं कांड की जांच में एसटीएफ को भी लगाया गया है। उधर, सीएम योगी ने मुरादनगर में श्मशान घाट की गैलरी हादसे के मामले की जांच एसआइटी से कराने के निर्देश दिए हैं। उनके अधिकारिक ट्विटर हैंडल से ये जानकारी दी गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को ट्वीट किया- बदायूं की घटना अत्यंत निंदनीय है। अभियुक्तों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। डीजीपी मुख्यालय से भी प्रकरण में चल रही कार्रवाई की लगातार मानीटरिंग की जा रही है। एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि घटना में फरार मुख्य आरोपित पर डीआइजी बरेली रेंज के स्तर से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

प्रशांत कुमार ने बताया कि मामले में तीन आरोपितों के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है, जिसमें दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा थानाध्यक्ष उघैती को भी निलंबित कर दिया गया है। एडीजी का कहना है कि पूरे मामले में जिन पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आएगी, उनके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्य आरोपित की सरगर्मी से तलाश कराई जा रही है। एडीजी का कहना है कि मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाया जाएगा और प्रभावी पैरवी कर दोषियों को कठोर दंड दिलाया जाएगा। 

राज्य मानवाधिकार आयोग ने मांगा जवाब : उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने बदायूं में सामूहिक दुष्कर्म कांड को बेहद गंभीरता से लिया है। आयोग ने मामले को मानवाधिकार के हनन का प्रत्यक्ष उदाहरण माना है। आयोग ने एसएसपी बदायूं से चार सप्ताह में पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब की है। 

महंत सत्य नारायण फरार : बदायूं में हुए सामूहिक दुष्कर्म के बाद महिला की हत्या के मामले में एसएसपी संकल्प शर्मा ने उघैती एसएचओ राघवेंद्र प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया है। महिला की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जहां एसएसपी और एस पी देहात रात भर उधैती थाने में ही डेरा डाले हुए हैं। वहीं मामले में पुलिस ने दो आरोपित को वेदराम व जसपाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि उसका महंत सत्य नारायण फरार है।

यह है पूरा मामला : बता दें कि बदायूं के उघैती थाना क्षेत्र स्थित एक गांव के धार्मिक स्थल में पूजा करने गई महिला के साथ आरोपितों ने हैवानियत की हद पार कर दी थी। सामूहिक दुष्कर्म के बाद ठीक उसी तरह निजी अंगों में लोहे की रॉड डाल दी गई, जैसा कि दिल्ली की निर्भया संग हुआ। मंगलवार देर शाम पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि के बाद अफसरों में खलबली मच गई। आरोपित मंदिर के महंत समेत तीन लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।

आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर थी कार्यरत : बदायूं में हैवानियत की शिकार हुई महिला आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर कार्यरत थी। तीन बच्चों के अलावा अपने पति की देखरेख का जिम्मा भी वही संभाल रही थी। उसको जो मानदेय मिलता था उसी से घर का गुजारा हो रहा था। ऐसे में दरिंदों ने परिवार के कमाऊ सदस्य को छीन लिया। पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे डीएम कुमार प्रशांत ने सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली सहायता राशि दिलाने का आश्वासन दिया है।

मुरादनगर घटना की जांच एसआइटी को : गाजियाबाद के मुरादनगर में श्मशान घाट की छत गिरने से 25 लोगों की मौत ने भ्रष्टाचार को उजागर किया है। मुरादनगर की घटना में आरोपितों को जेल भेजने के साथ ही योगी सरकार ने उन पर रासुका लगाने और जुर्माने के जरिये उन्हीं से नुकसान की भरपाई कराने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में बुधवार को मुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच एसआइटी से कराने का निर्देश दिया है। एसआइटी अब घटना के सभी पहलुओं की विस्तार से जांच करेगी और दोषी अफसरों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। 

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