लखनऊ, जेएनएन। वायु प्रदूषण का बड़ा कारण बने रहे पराली समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रत्येक जिले में निस्तारण इकाइयां लगाई जाएंगी ताकि किसान को आर्थिक लाभ हो और प्रदूषण संकट से भी मुक्ति मिल सके। यह बात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकभवन सभागार में गन्ना किसानों के लिए वेब पोर्टल और ई-गन्ना मोबाइल एप का शुभारंभ करतेे हुए कही।

उन्होंने बताया कि ऐसी यूनिटें सीतापुर व गोरखपुर में स्थापित की जा रहीं हैं। पराली व अन्य कृषि अपशिष्ट से बायोफ्यूल और कम्पोस्ट खाद भी बनेगी। उनका कहना था कि पराली जलाना धरती माता से अन्याय है, इससे न केवल वायु प्रदूषण बढ़ता है, भूमि की उर्वरता भी खत्म होती है। मुख्यमंत्री ने कहा, प्रदेश के औद्योगिक विकास में चीनी उद्योग का अहम स्थान है। प्रदेश में 119 चीनी मिलें कार्य कर रही हैं। इस वर्ष दो नई मिलें आरंभ होंगी। चीनी मिलों व गन्ना किसानों के विकास के लिए शुगर डेवलपमेंट फंड स्थापित करने की जरूरत बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे हजारों कर्मचारियों के अलावा 50 लाख किसान परिवारों का भला होगा।

गन्ना पर्ची की कालाबाजारी बंद, घटतौली भी न होने देंगे

योगी आदित्यनाथ ने केंद्र व प्रदेश सरकारों की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने किसानों को हाशिए पर पहुंचा दिया था। तब चीनी मिलें बेची जा रही थीं और किसान आत्महत्या करने को मजबूर थे। उन्होंने कहा कि नए पोर्टल और मोबाइल एप से गन्ना माफिया खुद ही खत्म हो जाएंगे और पर्चियों की कालाबाजारी बंद होगी। योगी ने घटतौली सख्ती से रोकने के निर्देश भी दिए। बकाया गन्ना मूल्य का शीघ्र ही भुगतान कराने का आश्वासन देते हुए उन्होंने ढाई वर्ष किसानों को 76 हजार करोड़ रुपये भुगतान करा देने का दावा भी किया।

गन्ने के रस से सीधे एथनॉल बनेगा

मुख्यमंत्री योगी ने गन्ने के रस से सीधे एथेनॉल बनाने की स्वीकृति देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि चीनी मिलों में ऐसी यूनिटें लगाई जा रही हैं। जिससे किसानों को भुगतान की समस्या भी न रहेगी और पेट्रोल व डीजल पर निर्भरता कम होगी।

इससे पहले गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा ने सरकार के कार्यकाल में किए कार्यों को गिनाया। गन्ना आयुक्त संजय आर. भूसरेड््डी ने विभागीय कार्यों की जानकारी दी। गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश पासी ने आभार व्यक्त किया। इस मौके पर मुख्य सचिव आरके तिवारी, औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टंडन भी उपस्थित थे।

एक क्लिक पर मिलेगी सभी जानकारी

गन्ना किसानों के लिए वेबपोर्टल और ई-गन्ना एप जादू का पिटारा जैसा होगा। एक क्लिक पर किसान गन्ने से संबंधित सभी जानकारी, जैसे सर्वेक्षण, बेसिक कोटा, सट्टा, गन्ना कैलेंडरिंग, पर्चियों के जारी करने व आपूर्ति संबंधी सूचनाएं घर बैठे प्राप्त कर सकेगा। इसके लिए किसान को अपने एंड्रॉयड फोन पर ई-गन्ना एप डाउनलोड करना होगा। जिस पर ई-गन्ना प्रणाली क्लिक करने के साथ किसान को अपना नाम, गांव, जिला और चीनी मिल अंकित करना होगा। ऐसा करते ही किसान को उसकी गन्ना संबंधित सभी डिटेल मिल जाएगी। वहीं वेबपोर्टल के लिए ईआरपी वेबपोर्टल (www.caneup.in) पर जाना होगा। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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