लखनऊ, जेएनएन। भारतीय जनता पार्टी लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडियम में आजादी का अमृत महोत्सव मना रही है। इस दौरान मुख्य अतिथि सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, आज हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं, तब एक नए भारत की तस्वीर हम सबके सामने है। यही भारत जो दूसरे देशों पर दवाओं के लिए निर्भर रहता था। लेकिन कोरोना जैसी महामारी में भारत ने दूसरे देशों को वैक्सीन और पीपीई किट मुहैया कराकर बड़ा उदाहरण पेश किया। मुख्यमंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की परिकल्पना को हम साकार होते देख रहे हैं। हर गरीब को घर, राशन, बिजली और शौचालय दिया जा रहा है। 

उन्होंने कहा, नया भारत है जो अपनी आस्था के सम्मान के साथ ही देश की सीमाओं की सुरक्षा भी करते हैं। हम आत्मनिर्भर भी हुए हैं और आत्मसम्मान के लिए एयरस्ट्राइक भी करते हैं। आजादी के अमृत महोत्सव के इस कार्यक्रम के तहत केडी सिंह बाबू स्टेडियम में छात्र- छात्राओं ने देश का मानचित्र बनाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सीएम योगी आदित्यनाथ यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा, आजादी के अमृत महोत्सव के आज के इस कार्यक्रम में मंचासीन अमर शहीदों के परिजन, सभी जनप्रतिनिधिगणों, अतिथिगणों व विभिन्न संस्थाओं से उपस्थित छात्र-छात्राओं को हृदय से बधाई देता हूं।

Koo App

भारत की आजादी मांगने से नहीं मिली थी, इसके लिए एक लम्बा संघर्ष हुआ था।

View attached media content

- Yogi Adityanath (@myogiadityanath) 22 Dec 2021

Koo App

’आजादी का अमृत महोत्सव’ हमारे लिए देश की आजादी के उन संकल्पों के साथ जुड़ने का एक आयोजन है, जो संकल्प देश के महान सपूतों ने लिए थे, जिन सपूतों के बलिदान के कारण भारत को स्वाधीनता प्राप्त हुई।

- Yogi Adityanath (@myogiadityanath) 22 Dec 2021

Koo App

यह ’अमृत काल’ भारत के नागरिकों को सम्मान और स्वावलंबन के पथ पर अग्रसर करते हुए आत्मनिर्भर भारत की, एक सुरक्षित, समृद्ध व श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार करने का माध्यम है।

- Yogi Adityanath (@myogiadityanath) 22 Dec 2021

उन्होंने कहा कि यह आयोजन लखनऊ को देश की आजादी के अमृत महोत्सव से जोड़ रहा है। देश की आजादी के लंबे संघर्ष की कीमत को हमारी वर्तमान व भावी पीढ़ी समझ सके, इसे ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में यह कार्यक्रम देश में शुरू किया। देश में अलग-अलग समय में आजादी का आन्दोलन चलता रहा, लेकिन सामूहिक प्रयास वर्ष 1857 के प्रथम स्वातन्त्र्य समर में देखने को मिला था। इस प्रथम स्वातन्त्र्य समर का केंद्र बिंदु उत्तर प्रदेश था।

Edited By: Vikas Mishra