लखनऊ, जेएनएन। गांव और किसानों को अपनी प्राथमिकता बताने वाली उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए नई योजना शुरू करने जा रही है। 1201 सड़कों के नवीनीकरण का लोकार्पण और 900 सड़कों के निर्माण का वर्चुअल शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए उत्तर प्रदेश ग्रामीण मातृभूमि योजना शुरू की जाएगी।

अपने सरकारी आवास से बुधवार को वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गांवों में बेहतर अवस्थापना सुविधाओं का विकास जरूरी है। इसके लिए जल्द ही ग्रामीण मातृभूमि योजना शुरू की जाएगी। सभी ग्राम पंचायतें अपना-अपना विकास माडल तैयार कर उसे लागू करेंगी। योगी ने गांवों की आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सीवर का विकास, ग्रामीण दुग्ध संग्रह केंद्रों का निर्माण, सोलर स्ट्रीट लाइट, यात्री शेड, पशु केंद्र, फायर स्टेशन, आंगनबाड़ी केंद्र, स्टेडियम, ओपन जिम आदि बनवाकर बेहतर विकास किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सड़क आवागमन के माध्यम ही नहीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम भी हैं। दुनिया में जो भी देश विकसित हैं उसके पीछे उनका मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में जहां ज्यादातर आबादी गावों में रहती है, वहां यदि आवागमन के अच्छे मार्ग नहीं होंगे तो स्वाभाविक रूप से वहां की आर्थव्यवस्था मजबूत नहीं होगी। इसके लिए अच्छी सड़कें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। 

ग्रामीण मार्गों के निर्माण कार्य का शुभारंभ व नवीनीकरण कार्य का वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिला पंचायत की 537.82 किलोमीटर मार्गों को हाट मिक्स प्लांट के माध्यम से बनाया जा रहा है। पहले जिस पद्धति सड़कें बनती थी वह सस्ती तो थी लेकिन टिकाऊ नहीं होती थी, लेकिन अब जिस तकनीक से सड़कें बन रही हैं वे टिकाऊ और मजबूत हैं। गांवों के लोग ज्यादा समय तक इन सड़कों का लाभ ले सकते हैं।   

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इन मार्गों के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को परखने और समयबद्धता के लिए स्टेट क्लालिटी मानीटर भी तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि विकास के लिए धन का अभाव नहीं हैं, लेकिन धन समय पर और सही जगह खर्च हो, यह जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिलों से अच्छे और खराब दोनों कार्यों की शिकायतें मुझे मिलती हैं। इसी का परिणाम हैं कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जरूरत पड़ने भ्रष्टाचार के मामलों में मुकदमा भी दर्ज किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि जिन स्थानों पर सही प्रकार से समीक्षा होती हैं वहां की सड़कें अच्छी होती हैं। लेकिन, जहां इस कार्य में लापरवाही बरती जाती है वहां की सड़कों में गड्ढे बन जाते हैं। इस लिए हमें ध्यान देना होगा कि भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान कहीं पर भी न रहे। ठेकेदारों का अनावश्यक तरीके से भुगतान न रोका जाए। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि ग्राम्य विकास विभाग और पंचायतीराज विभाग बहुत जल्द गांवों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए मातृ भूमि योजना लाने वाले हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायतों को स्वावलंबी बनने के लिए भी प्रयास करने चाहिए, ताकि वे अपने खर्चे स्वयं वहन कर सकें। ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायतों में अपने गांव, विकासखंड, जिले के चतुर्मुखी विकास के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। ग्राम पंचायतें यह प्रयास करें कि उनका गांव कैसे स्मार्ट गांव बन सकता है। इसी तरह क्षेत्र व जिला पंचायतें अपने-अपने क्षेत्र और जिले को स्मार्ट बनाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में अच्छे विकास कार्याें के लिए ग्राम व क्षेत्र पंचायतों को पुरस्कृत किए जाने पर विचार किया जाए। इसी तरह राज्य स्तर पर जिला पंचायतों को पुरस्कृत करने की व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।

अच्छी सड़कों से गांवों का आर्थिक उन्नयन : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला पंचायतों के तहत हाटमिक्स प्लांट के जरिये 195.07 करोड़ रुपये लागत से बने 537.82 किलोमीटर लंबे 509 ग्रामीण मार्गों और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 155 करोड़ रुपये की लागत से 1930 किमी लंबी 692 ग्रामीण सड़कों के नवीनीकरण का लोकार्पण किया। इसी तरह जिला पंचायतों द्वारा 33.75 करोड़ रुपये की लागत से 48.62 किमी लंबी 14 सड़कों और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की 4130.27 करोड़ रुपये लागत से बनाए जा रहे 6208.45 किमी लंबे 886 ग्रामीण मार्गों के निर्माण कार्य की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार की मंशा है कि विकास का पूरा लाभ ग्रामीण जनता को मिले। इससे गांव और ग्रामीणों का आर्थिक उन्नयन भी होगा। सीएम योगी ने जौनपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष, बाराबंकी और रायबरेली के ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों से संवाद भी किया। कार्यक्रम को ग्राम्य विकास एवं समग्र ग्राम विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती, पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी, पंचायती राज राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी और ग्राम्य विकास एवं समग्र ग्राम विकास राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज मनोज कुमार सिंह और अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल भी उपस्थित थे।

Edited By: Umesh Tiwari