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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 23, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अधिकतर योजनाएं नौकरशाही की अकर्मण्यता का शिकारः योगी

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Sun, 23 Jul 2017 01:15 PM (IST)Updated: Mon, 24 Jul 2017 08:08 AM (IST)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश को विकास के पथ पर लेकर जाने वाली हमारी अधिकतर योजनाएं नौकरशाही की ...और पढ़ें

अधिकतर योजनाएं नौकरशाही की अकर्मण्यता का शिकारः योगी
अधिकतर योजनाएं नौकरशाही की अकर्मण्यता का शिकारः योगी

लखनऊ (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश को विकास के मार्ग पर शीघ्र ले जाने को बेहद आतुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज नौकरशाही पर करारा हमला बोला है। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को नाकारा तक कह दिया। कन्फेडरेशन आॅफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन आॅफ इंडिया (क्रेडाई) के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश को विकास के पथ पर लेकर जाने वाली हमारी अधिकतर योजनाएं नौकरशाही की अकर्मण्यता का शिकार होती हैं। नौकरशाही इसको लेकर गंभीर नहीं रहती है। इसका खामियाजा सरकार के साथ ही जनता को भुगतना पड़ता है। अधिकतर योजनाएं नौकरशाही के अकर्मण्यता से फेल होती हैं।

तस्वीरों में देखें-द मांक हू बिकम चीफ मिनिस्टर

मुख्यमंत्री योगी आदितत्यनाथ ने कहा कि सरकार यह प्रयास कर रही है कि किसी को इसका खामियाजा न भुगतना पड़े। मुख्यमंत्री इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में क्रेडाई के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। 

उन्होंने बिल्डरों का आह्वान किया कि अवैध कालोनियों से लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर रहा है। लोग शहरों में सुविधाओं के लिए आते हैं लेकिन उन्हें बीमारी का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए एक लक्ष्मण रेखा तय करनी होगी।योगी ने कहा कि नोएडा में छोटे से लेकर बड़ा हर व्यक्ति परेशान है,10 लाख और करोड़ देकर आवास लेने वाला भी परेशान हैं । अविकसित कालोनियों के निर्माण से वहां के लोग बुनियादी सुविधाओं को लेकर परेशान होते हैं। डेढ़ लाख से ज़्यादा बायर को पैसा देने के बाद भी आवास नही मिला है। यूपी में संभावनाएं अपार हैं उन संभावनाओं को विश्वास के साथ जोड़ने की ज़रूरत। हमारी ऐसी योजना है कि 2022 के बाद कोई ऐसा ना हो जिसके सर पर छत ना हो ।शहरी क्षेत्र में आवासीय योजनाओं के लिए 3000 करोड़ की व्यवस्था की गई है। बहुत अच्छे ढंग से हमने अपने लक्ष्य निर्धारित किये हैं। शहरी क्षेत्र में 22 फीसदी आबादी रहती है जो आज भी कई बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। 

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मुख्यमंत्री योगी ने CREDAI से अपील करते हुए कहा कि वे योजनाओं को अधूरा न छोड़ें। सरकार को आए हुए चार महीने हुए है, इस छोटे कार्यकाल में जो अनुभव हुआ उसमें बिल्डर्स और बायर्स की समस्या सामने आई है

विश्वसनीयता की कसौटी पर खरा उतरना CREDAI के लिए बड़ी चुनौती है।बिजनेस का आधार विश्वास है।केंद्र के RIA एक्ट को यूपी में लागू कर दिया गया है।

योगी आदितत्यनाथ ने कहा कि  गंगा और उसकी सहायक नदियों को प्रदूषण मुक्त करने की योजना पर काम हो रहा है। दुनिया यूपी को बुद्ध, राम, कृष्ण, शिव के नाम पर जानती है, इनसे जुड़े स्थानों पर टूरिज़्म विकास की हमारी योजना है।

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पूर्वी यूपी और बुन्देलखंड को हम एक्सप्रेस वे से जोड़ने जा रहे हैं। 13 स्मार्ट सिटी बनाने की योजना है, जहां सभी के लिए बहुत स्कोप होगा। जब बातचीत से हल नही निकलता तो सरकार को सख्त कदम उठाने को लेकर मजबूर होना पड़ता है । PM आवास योजना के तहत 1 लाख 20 हज़ार और शौचालय योजना के लिए 12 हज़ार रुपए दे रहे हैं। 2020 से पहले सबके लिए आवास लक्ष्य हासिल करने की योजना, हमारी सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक आवास बने। कार्यक्रम में डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कहा कि क्रेडाई यूपी में 20 हजार आवास बनाएगी। हम क्रेडाई के संकल्प का स्वागत करते हैं। क्रेडाई से जुड़े बड़े घराने मिशन में सहयोग करें। कार्यक्रम की शुरुआत सीएम योगी ने दीप प्रज्जवलित कर की। इस दौरान डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के साथ ही वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल, मंत्री आशुतोष टंडन, चेतन चौहान, सुरेश पासी भी इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मौजूद रहे।

 

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में CREDAI के कार्यक्रम में दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक पत्रिका का भी शुभाराम्भ किया। यह पत्रिका योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के सफ़र पर आधारित है। पत्रिका का शीर्षक ‘The monk who became Chief minister’ रखा गया है।