लखनऊ, जेएनएन। रामनगरी अयोध्या में पांच अगस्त को भव्य राम मंदिर के निर्माण के भूमि पूजन के बाद से कोरोना वायरस संक्रमण के दौर मेें भी दीपावाली बेहद यादगार मनाने की तैयारी हो गई थी। इसका परिणाम भी बेहद सुखद रहा। 492 वर्ष बाद श्रीरामलला विराजमान प्रांगण में दीप जलने के बाद 13 नवंबर 2020 का दिन लोगों को बेहद यादगार बन गया। सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रयास से लोगों ने एक्चुअल हो या वर्चुअल दिवाली का भरपूर आनंद लिया। इसके साथ ही अयोध्या में विश्व रिकॉर्ड भी बन गया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिवाली ने इस बार खासी सुॢखयां बटोरीं। एक्चुअल हो या वर्चुअल, योगी आदित्यनाथ की इस बार की दिवाली ने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। 492 वर्ष के लम्बे इंतजार के बाद इस बार पहला अवसर था जब श्री रामजन्मभूमि स्थल पर दीप जलाए गये। योगी आदित्यनाथ सरकार ने भी इस खास मौके को भव्य और दिव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। एक ओर अयोध्या में 'दिव्य दीपोत्सव' आयोजित कर श्रीराम का 'स्वागत-अभिनंदन' किया गया तो दुनिया भर के ऐसे श्रद्धालु जो, भौतिक रूप से अयोध्या नहीं पहुंच सके, उन्हेंं 'वर्चुअल दीपोत्सव' के जरिये इस कार्यक्रम में भी सहभागिता का बड़ा अवसर मिला।

अवधपूरी अति रुचिर बनाई: अपने आराध्य प्रभु श्री राम के आगमन के लिए समूची अयोध्या दुल्हन की तरह सजी थी। अयोध्या की छोटी गलियों से लेकर मुख्य मार्गों, सभी सरकारी, धाॢमक भवनों को पर तो आकर्षक लाइटिंग की ही गई थी, नगरवासियों ने भी अपने घरों को सजाया-संवारा था। हर ओर राम थे, सब कुछ राममय था। जन्मभूमि परिसर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दंडवत कर रामलला को नमन किया, तो सरयू मइया की आरती उतारते भावुक सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीरें देख हर किसी की आंखों में आह्लाद का सागर उमड़ आया। इस खास मौके पर राम की पैड़ी पर एक साथ 6,06,569 दीप जलाने का विश्व कीॢतमान भी रचा गया। इस वैश्विक घटना को पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और अपनी कैबिनेट के सहयोगियों के साथ मुख्यमंत्री योगी इस मौके पर रामलला के समक्ष मौजूद थे। श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण शुरू होने से उपजे सहज आह्लाद के साथ आत्मीयता के भावों को संजोए हुए आराध्य प्रभु के प्रति आस्था निवेदित करते हुए सरयू तीरे जल रहे 6,06,569 दीपों के बीच निहाल श्रद्धालुओं का हर्ष और उल्लास देखते ही बन रहा था। सहज भाव से हो रहे 'राम राम जय राजा राम, 'जय सिया राम, 'राजा रामचन्द्र की जय' जयघोष के साथ सरयू की लहरों में उठती तरंगें देख, ऐसा लगता था कि मानों सरयू मैया भी अपने राम की जयकार कर रही हों। दीपोत्सव के लिए पूरी अवधपुरी को सजाया गया था।

वर्चुअल दीप जलाकर पाया एक्चुअल आशीर्वाद: ऐतिहासिक दीपावली के मौके पर भौतिक रूप से अयोध्या में अनुपस्थित करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार का खास प्लान 'वर्चुअल दीपोत्सव' श्रद्धालुओं को खूब भाया। अब तक करीब 12 लाख श्रद्धालुओं ने इस वर्चुअल प्लेटफार्म के जरिये श्री रामलला विराजमान दरबार में हाजिरी लगाई है। देश के सभी राज्यों से तो राम भक्तों ने वर्चुअल दीप प्रज्ज्वलित किया। इसके साथ ही यूएस, यूके, यूएई, मलेशिया, नेपाल, साउथ कोरिया, भूटान आदि देशों से भी बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 नवम्बर को इस वर्चुअल दीपोत्सव की वेबसाइट का लोकार्पण किया था।

वैदिक सिटी बनाने का संकल्प: अयोध्या में आयोजित 'दिव्य दीपोत्सव' में श्री राम के प्रतीकात्मक राज्याभिषेक करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्री राम की अयोध्या के साथ सदियों तक बहुत अन्याय हुआ है। जो अयोध्या जन्म और जीवन दोनों तारती है वह, कुछ लोगों की कुसति सोच के कारण वर्षों तक अपमानित होती रही है। पर अब ऐसा नहीं होगा। अयोध्या को उसका गौरव मिलेगा। हम इसे वैदिक सिटी के रूप में विश्व मानचित्र पर गौरव दिलाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार हमने छह लाख दीप अयोध्या में जलाए हैं, अब अगले साल 7.51 लाख दीपकों से अयोध्या रोशन होगी।