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लखनऊ, जेएनएन। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफानी फणि से पीड़ित ओडिशा को उत्तर प्रदेश सरकार ने सहायतार्थ राशि प्रदान करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ओडिशा में आये फणि चक्रवात से प्रभावित लोगों की मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद उपलब्ध कराने का निर्देश दिया हैै। इस तूफान से ओडिशा में जन-धन की बड़ी क्षति हुई है। यह डेढ़ सौ वर्षों के दौरान आया तीसरा सर्वाधिक शक्तिशाली तूफान था। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ओडिशा में फणि चक्रवात के कहर से पीडि़त प्रदेश सरकार को मुख्यमंत्री राहत कोष से दस करोड़ रुपया की सहायतार्थ धनराशि देने की घोषणा की है। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात फणि ने ओडिशा के पुरी के साथ अन्य शहरों में 245 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तांडव मचाया। इसके कारण कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। ओडिशा के बाद फणि बंगाल की ओर बढ़ रहा है। वहां पहले ही तटीय क्षेत्रों से लोगों को हटा कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया।

नाम को लेकर भ्रम

इस चक्रवात के नाम को लेकर भ्रम की स्थिति रही। कोई इसे फोनी कह रहा है तो कोई फानी तो कोई फेनी। हालांकि इस चक्रवात का नाम बांग्लादेश के सुझाव पर फणि रखा गया था और इसे वहां फोनि उच्चारित किया जाता है। वहां इसका स्थानीय मायने सांप होता है। अंग्रेजी में इसे फानी लिखा जा रहा है, जिसकी वजह से हिंदी में इसका उच्चारण फनी या फणि प्रचलित हो गया।

दसवां चक्रवात

फणि पिछले 52 वर्ष में मई में भारत से टकराने वाला दसवां चक्रवात है। इससे पहले 1968, 1976, 1979, 1982, 1997, 1999 और 2001 की मई में इस तरह के चक्रवात देखे गए थे। आमतौर पर खतरनाक चक्रवात भारत के पूर्वी तट पर मानसून के मौसम (अक्टूबर-दिसंबर) में आते हैं। 1965 और 2017 के बीच के 52 वर्षों में देश में 39 अत्यंत खतरनाक चक्रवात आए थे। 

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Posted By: Dharmendra Pandey

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