लखनऊ, जेएनएन। सआदतगंज के लकड़मंडी मुहल्ले में गंदगी पाए जाने पर सफाई सुपरवाइजर जीवानंद को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही जोनल सेनेटरी अफसर आरपी गुप्ता और सफाई निरीक्षक रामचंदर यादव को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। जोनल अधिकारी अंबी बिष्ट से भी पूछा गया है कि उनके द्वारा जोन की सफाई का पर्यवेक्षण किस तरह से किया जा रहा है।  

दैनिक जागरण की 'जागरण आपके द्वार' टीम ने रविवार को लकड़मंडी का दौरा किया था, जहां सफाई व्यवस्था बहुत ही खराब मिली थी। वार्ड में 73 सफाई कर्मचारियों की तैनाती के बाद भी लोगों को खुद से ही नालियों की सफïाई करनी पड़ रही थी। सोमवार को यह खबर छपने के बाद मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम ने नगर आयुक्त से गंदगी के लिए जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारियों पर कार्रवाई करने को कहा था। इसके बाद नगर आयुक्त डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने यह कार्रवाई की है। नगर आयुक्त ने बताया कि सफाई सुपरवाइजर जीवानंद को निलंबित कर दिया गया है। जोनल सेनेटरी अफसर आरपी गुप्ता और सफाई निरीक्षक रामचंदर यादव को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। जोनल अधिकारी अम्बी बिष्ट से भी जवाब मांगा गया है। 

वार्ड में कुल 73 सफाई कर्मचारी तैनात है। इसमे से 52 सफाई कर्मचारी ठेकेदारी प्रथा से हैं। मतलब हर दिन ठेकेदार को 52 कर्मचारियों का 13 हजार रुपये का भुगतान हो रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि यह रकम अफसर और ठेकेदार मिल खा रहे हैं।  ठेकेदार संजय मिश्र के पास ही सफाई का जिम्मा है, लेकिन आज तक यहां के निवासियों ने उसका चेहरा तक नहीं देखा है। वार्ड का लकड़मंडी मुहल्ला गंदगी से पट गया है। यहां के निवासियों को खुद से नाली की सफाई तक करनी पड़ रही है। 

 

Posted By: Divyansh Rastogi

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप