लखनऊ, जेएनएन। राजधानी लखनऊ में न्यूनतम वेतनमान और बायोमेट्रिक उपस्थिति की मांग को लेकर मंगलवार को भी सिटी बसों का संचालन थमा रहा। गोमतीनगर डिपो और दुबग्गा डिपो के कर्मचारियों ने एक पखवारे के भीतर फिर से 150 से अधिक बसों का चक्का रोक दिया। सुबह की शिफ्ट में मात्र चार बसें दोनों डिपो से बाहर निकली। इससे बीबीडी, टेढ़ी पुलिया, मुंशी पुलिया, इंजीनियरिंग कॉलेज, कमता, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, इंजीनियरिंग कालेज से पीजीआई, चारबाग आदि मार्गों पर अचानक बसों की संख्या कम हो गई। बता दें, बीते दिन यानी सोमवार को भी कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। 

सेंट्रल रीजनल वर्कशाप कर्मचारी संघ के शाखा अध्यक्ष संजय शर्मा, महामंत्री दीपक श्रीवास्तव की अगुवाई में अचानक गोमतीनगर डिपो के कर्मचारियों ने मांगें पूरी करने का दबाव बनाते हुए हड़ताल कर दी। दुबग्‍गा डिपो की 132 व गोमती नगर डिपो की करीब 40 बसों का संचालन नहीं हुआ। बसों के आवागमन के समयांतराल में आई कमी से लोगों को दिक्कतें हुईं। भीड़ होने कारण लोग बसों और अन्य साधनों का इंतजाम करते दिखे। प्रबंध निदेशक सिटी बस आरके मंडल के मुताबिक, मांगें शासन को भेजी जा चुकी हैं। अचानक बिना बताए हड़ताल किया जाना गलत है। दुबग्गा डिपो की सभी बसों का संचालन हुआ है।

उधर, दोपहर बाद कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच वार्ता होगी। आंशक जताई जा रही है कि कर्मचारियों की समस्‍याओं को सुनकर हल निकालने का प्रयास किया जाएगा। एमडीआर के मंडल को बुलाया गया है। 

Posted By: Divyansh Rastogi

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