लखनऊ, जेएनएन। दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए..और उनके बीच बेताब से चेहरे जो गुलों की खूबसूरती को जेहन और कैमरे में कैद करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे थे। राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआइ) में दो दिवसीय गुलदाऊदी-कोलियस शो की शुरुआत शनिवार को हुई। संस्थान का सेंट्रल लॉन चटक शोख रंगों के फूलों से भर गया। आलम यह कि जहां तक नजर जाती फूल ही फूल नजर आते। अपनी खूबसूरती पर इठलाते इन फूलों के बीच खिताब के लिए कांटे की टक्कर दिखी। दिसंबर माह में गुनगुनी धूप और फूलों का साथ मानों हर किसी को आकर्षित कर रहा था। तमाम लोग पुष्प प्रदर्शनी देखने पहुंचने लगे। खास बात यह कि केवल लोग फूलों के साथ ही उनसे बने कलात्मक उत्पाद जैसे माला, पुष्प संयोजन, व आकर्षक गमलों को देख कर भी निहाल थे।

112 लोगों की 1072 प्रविष्टियां: एनबीआरआइ के निदेशक प्रो.एसके बारिक ने किया। उन्होंने कहा कि संस्थान बीते पांच दशकों से इसका आयोजन करता आ रहा है। हर साल प्रदर्शनी देखने वालों की संख्या में वृद्धि हो रही है। संस्थान के मुख्य वैज्ञानिक व उद्यान प्रभारी डॉ.एसके तिवारी ने बताया कि प्रदर्शनी में 112 प्रदर्शकों ने 1072 प्रविष्टियों को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी के आयोजन का मुख्य उद्देश्य पुष्प कृषि उद्योग एवं इसके विभिन्न पहलुओं के प्रति जनसाधारण में जागरूकता उत्पन्न करना है। प्रदर्शनी में छोटे फूल वाली गुलदाऊदी, बड़े सिंगल फूल वाली गुलदाऊदी, स्पाइडर गुलदाऊदी के साथ सवरेत्तम कोलियस पौधे के लिए प्रतियोगिता हुई।

आकर्षण का केंद्र रहा वर्टिकल गार्डन: यदि आप फूल पौधों के शौकीन हैं और स्थान की कमी के चलते अपना शौक पूरा नहीं कर पा रहे हैं तो वर्टिकल गार्डेन एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। 93 बटालियन सीआपीएफ, आशियाना के वर्टिकल गार्डेन को लोगों द्वारा खूब पसंद किया गया। डॉ. तिवारी ने कहा कि गुलदाऊदी के वर्टिकल गार्डेन के अगले वर्ष से नई कैटेगेरी में शामिल किया जाएगा।

सेल्फी का रहा जोर: शोख चटक फूलों के साथ हर कोई सेल्फी लेने के लिए आतुर दिखा। क्या छोटा क्या बड़ा सभी फूलों के साथ अपनी तस्वीर को कैमरे में कैद करते दिखे।

मानों सितारे उतर आए हों: गुलदाऊदी के पौधों को मनचाहा आकार देकर उनसे खूबसूरत विन्यास तैयार किए गए। गमले में तारे के रूप में खिले फूल सभी को आकर्षित कर रहे थे। किसी ने छत्र तो किसी ने कोन के रूप में फूल उगाए।

यह रहे विजेता

प्रदर्शनी का राजा: यह खिताब सिंगल बड़े फूल वाली पीले रंग की गुलदाऊदी के लिए विजय नगर की मंजीत मौर्या को मिला।

प्रदर्शनी की रानी: छोटे फूल वाली गुलदाऊदी के एक नमूनेदार गमले के लिए लामार्टिनियर ब्वायज कालेज के सत्यनाम को मिला।

प्रदर्शनी का प्रिंस: पीच रंग की स्पाइडर गुलदाऊदी ने प्रिंस का खिताब अपने नाम किया।

फ्लावर ऑफ द ईयर: गोमती नगर के उमा शंकर साहू के पुष्प किकू बिओरी को फ्लावर ऑफ द इयर का पुरस्कार दिया गया।

प्रदर्शनी का सवरेत्तम कोलियस: यह खिताब लामार्टिनियर ब्वायज कालेज ने जीता।

सभी विजेताओं को रविवार को शाम चार बजे होने वाले समापन समारोह में विधि एवं कानून मंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

एचएएल के गुलदाऊदी व कोलियस को प्रथम पुरस्कार

एचएएल के गुलदाऊदी के रंग-बिरंगे माउंट को फूलों की क्वालिटी और आकार व रंगों के लिए प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया। कोलियस पौधों के माउंट को भी प्रथम पुरस्कार मिला।

छोटे फूल वाली किस्में

केल्विन विक्ट्री (सफेद), अप्सरा (पिंक), श्यामल (गहरा लाल), बीरबल साहनी (सफेद), कुंदन (पीला), लिलीपुट, पोटोमैक, कांस्या।

बड़े फूल वाली किस्में

स्नो बॉल (सफेद), कोसा ग्रांडी (सफेद), नैंसी (पीला), मांटीनियर (पीला), सोनार बंगला, एल्फ्रेड विल्सन (लाल), आरेंज लेडी (नारंगी), डिगनिटी (लाल),ड्रीम केसेल, पिंक क्लाउड, कुइल्ड ग्रीन सेंसेशन, रोनॉल्ड।

पौधों की खरीदारी भी खूब हुई

एनबीआरआइ में बरगद के पेड़ के करीब लगे विभिन्न स्टालों पर आकर्षक पॉट में बेचे जा रहे पौधों की भी खूब खरीदारी हुई। फ्रेंड्स रोजरी के जुबिन अग्रवाल ने बताया कि लोग पिटूनिया, गुलदाऊदी के साथ-साथ सकुलेंट व कैक्टस के पौधे भी खूब पसंद कर रहे हैं।

 

Posted By: Anurag Gupta

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