लखनऊ, जेएनएन। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ शाहजहांपुर में एलएलएम छात्रा से यौन शोषण के मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआइटी) की रिपोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट संतुष्ट नहीं है। एसआइटी ने हलफनामा के साथ कोर्ट में प्रगति रिपोर्ट दाखिल की, इस पर कोर्ट ने एसआइटी से जांच की बेहतर रिपोर्ट मांगी है। साथ ही कोर्ट ने पीड़िता की शिकायत पर दिल्ली के लोधी रोड थाना में मुकदमा दर्ज न होने के मामले में एसआइटी से जानकारी मांगी है। अब इस मामले में चार दिसंबर को सुनवाई की जाएगी।

इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा व न्यायमूर्ति वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने की। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर आइजी एसआइटी नवीन अरोड़ा की निगरानी में दुष्कर्म के आरोपों व ब्लैकमेलिंग मामले की एसआइटी जांच हो रही हैं। पीड़िता और स्वामी चिन्मयानंद ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल की है। पीड़ित लॉ छात्रा की जमानत अर्जी पर 29 नवंबर को सुनवाई होगी, जबकि स्वामी चिन्मयानंद की जमानत अर्जी पर 16 नवंबर को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। जांच की निगरानी हाई कोर्ट की खंडपीठ कर रही है।

यह है पूरा मामला

शाहजहापुर की लॉ छात्रा ने चिन्मयानंद पर दुष्कर्म और यौन शोषण का आरोप लगाया था। इसके साथ ही छात्रा और उसके दोस्त संजय, सचिन, विक्रम पर चिन्मयानंद से पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का आरोप है। पिछले दिनों चिन्मयानंद पर दुष्कर्म और यौन शोषण का आरोप लगाने के बाद छात्रा लापता हो गई थी। मामले में सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद वह अपने दोस्त संजय के साथ राजस्थान के दौसा में 30 सितंबर को पुलिस को मिली थी। सुप्रीम कोर्ट ने इन दोनों केस की जांच के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट की निगरानी में एसआइटी के गठन का आदेश दिया। यूपी सरकार एसआइटी का गठन किया। छह सितंबर को शाहजहांपुर पहुंची एसआइटी ने नए सिरे से जांच शुरू की तो परतें खुलती चली गईं। एसआइटी ने दुष्कर्म मामले में चिन्मयानंद को 20 सितंबर को गिरफ्तार किया और छात्रा के दोस्त संजय, सचिन, विक्रम को फिरौती मामले में उसी दिन गिरफ्तार किया, जबकि छात्रा को भी फिरौती मामले में 25 सितंबर को गिरफ्तार किया। अभी सभी आरोपित जेल में हैं।

छात्रा की जमानत पर शुक्रवार को हाई कोर्ट में सुनवाई

पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद से ब्लैकमेलिंग के आरोप में जेल में बंद लॉ छात्रा की जमानत अर्जी पर शुक्रवार को हाई कोर्ट में सुनवाई होगी। जिला जज की कोर्ट में अर्जी खारिज होने के बाद उसने अपील की थी।

एसआइटी ने 25 सितंबर को चिन्मयानंद को ब्लैकमेल करने के आरोप में छात्रा को उसके घर से गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जिसके बाद से वह जेल में है। उसने जिला जज की कोर्ट में अपनी जमानत के लिए अर्जी दी थी, लेकिन 30 सितंबर को खारिज हो गई। अब 29 नवंबर को इस पर सुनवाई होनी है। इससे पहले उसके माता-पिता ने जमानत पर जल्द सुनवाई के लिए अर्जी दी थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। दो नवंबर से छात्रा के माता-पिता प्रयागराज में हैं।

30 नवंबर को होगी चिन्मयानंद की पेशी

लॉ छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद चिन्मयानंद की 30 नवंबर को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की कोर्ट में पेशी होगी। चिन्मयानंद 20 सितंबर से जेल में बंद हैं। उनकी जमानत अर्जी भी जिला जज की कोर्ट से खारिज हो चुकी है। चिन्मयानंद की जमानत अर्जी पर हाई कोर्ट में बहस पूरी हो चुकी है, जिस पर फैसला फिलहाल सुरक्षित रखा गया है।

Posted By: Umesh Tiwari

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