लखनऊ, जेएनएन। चालू शैक्षिक सत्र में यूपी के परिषदीय स्कूलों में बच्चों के सीखने-समझने के स्तर के आकलन के दूसरे चरण के तहत 19 फरवरी को राज्य स्तर पर लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। दूसरे चरण की परीक्षा (स्टूडेंट एसेसमेंट टेस्ट-2) में कक्षा तीन से आठ तक के बच्चों के लर्निंग आउटकम का आकलन होगा। बच्चों को उनके परीक्षा परिणाम की जानकारी देने के लिए रंगीन रिपोर्ट कार्ड भी दिए जाएंगे।

वहीं बच्चों के शैक्षिक प्रदर्शन के आधार पर स्कूलों का रिपोर्ट कार्ड प्रधानाध्यापकों को सौंपा जाएगा। निश्शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद यह पहला मौका होगा जब बच्चों को रिपोर्ट कार्ड दिए जाएंगे।

इसी शैक्षिक सत्र में बच्चों के लर्निंग आउटकम के आकलन के पहले चरण के तहत पिछले साल आठ नवंबर को आयोजित स्टूडेंट एसेसमेंट टेस्ट-1 में कक्षा पांच से आठ तक के लगभग 58 लाख बच्चे शामिल हुए थे। वहीं स्टूडेंट एसेसमेंट टेस्ट-2 में तीसरी से लेकर आठवीं कक्षा तक के 1 करोड़ 3 लाख 87 हजार 734 बच्चे हिस्सा लेंगे। लिखित परीक्षा दो घंटे की होगी और इसका समय सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक होगा।

बच्चों के लर्निंग आउटकम की बेंचमार्किंग के मकसद से आयोजित पहले चरण की परीक्षा के प्रश्नपत्र में जहां सभी सवाल वस्तुनिष्ठ प्रकार के थे, वहीं इस बार वस्तुनिष्ठ के साथ लघु उत्तरीय प्रश्न भी होंगे जिनके जवाब दो-तीन लाइनों में दिए जा सकें। कक्षा तीन से पांच तक के बच्चों की परीक्षा चार विषयों-हिंदी, अंग्रेजी, गणित और सामाजिक विषय में होगी। वहीं पांचवीं से आठवीं तक के बच्चों की परीक्षा पांच विषयों में होगी, जिनमें इन चार विषयों के अलावा विज्ञान के प्रश्न भी होंगे।

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र तैयार कर जिलों को भेज दिए हैं। रिपोर्ट कार्ड तैयार करने के लिए सर्व शिक्षा अभियान का राज्य परियोजना कार्यालय प्रति रिपोर्ट कार्ड दो रुपये की धनराशि मुहैया कराएगा।