लखनऊ, जेएनएन।  उसकी उम्र अभी पढऩे की है। सहेलियों के साथ खेलने की है। दुनिया अभी सही से देखी भी न थी कि घर के बड़ों ने उसके ही जीवन का फैसला कर दिया। शुक्रवार को शादी तय थी। बरात काकोरी के गांव आ चुकी थी। बराती झूम रहे थे। तभी किसी जागरूक शख्स ने चाइल्ड लाइन को बाल विवाह की खबर दी। टीम पहुंची। परिजन को समझाया। वह राजी न हुए तो पुलिस बुलानी पड़ी। टीम दुल्हन के जोड़े में ही नाबालिग लड़की को साथ ले गई। मायूस दूल्हा और बरात बिन दुल्हन के लौटे।

यह वाकया काकोरी के बगौरी गांव में हुआ। गांव में एक व्यक्ति की बेटी की शादी थी। सुबह से खुशी का माहौल था। लड़की के घर में तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं तो सरोजनी नगर के गेहरू गांव से आई बरात में दूल्हे के परिवारीजन और मित्र भी खुशी से लबरेज थे। इसी बीच गांव से नाबालिग की शादी की सूचना चाइल्ड लाइन को मिली।

न माने 'बाबुल' तो चला खाकी का जोर

टीम पूरी जानकारी कर गांव पहुंच गई। कई घंटे तक बालिका के पिता को बाल विवाह पर प्रतिबंध होने का हवाला देकर समझाया। इज्जत की दुहाई देकर वह मानने को राजी न हुए। रात होते ही बैंड बाजा भी बजने लगा। तब पुलिस सख्त हुई। विरोध के बीच नाबालिग दुल्हन को चाइल्ड लाइन टीम के साथ भेज दिया।

बैंड खामोश, समारोह में सन्नाटा

नाबालिग दुल्हन के जाते ही पंडाल में सन्नाटा छा गया। बैंड बाजा खामोश हो गए। इस मामले में उपनिरीक्षक अजय शुक्ला ने बताया कि बाल विवाह की शिकायत गांव से ही चाइल्ड लाइन को मिली। लड़की पक्ष नहीं मान रहा था। तब कार्रवाई करनी पड़ी। वहीं, लड़की के पिता ने बताया कि उनके पास बेटी की जन्मतिथि का कोई प्रमाणिक दस्तावेज नहीं है। विवाह न होने से लाखों रुपये का नुकसान हो गया। 

Posted By: Anurag Gupta

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस