लखनऊ, राज्य ब्यूरो। पशुपालन विभाग में वेटनरी फार्मासिस्ट संवर्ग के पुनर्गठन का रास्ता साफ हो गया है। संवर्ग के पुनर्गठन में चीफ फार्मासिस्ट व प्रभारी अधिकारी फार्मेसी के कुल 308 पदों का सृजन हो सकेगा। निदेशक प्रशासन व विकास ने शासन को पुनर्गठन की संस्तुति करते हुए लिखा है कि इससे कोई वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।

पशुपालन विभाग में वेटनरी फार्मासिस्ट संवर्ग के पुनर्गठन की प्रक्रिया चल रही है। 26 नवंबर 2021 को विभाग इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेज चुका है। शासन ने एक अप्रैल को पशुपालन विभाग के वित्त नियंत्रक को निर्देश दिया कि भेजे प्रस्ताव के अनुसार पुनर्गठन करने में वित्तीय भार का आकलन करके संस्तुति सहित आख्या भेजी जाए।

निदेशक प्रशासन डा. इंद्रमणि ने बताया कि वित्त नियंत्रक से चीफ फार्मासिस्ट के 227 व प्रभारी अधिकारी फार्मेसी के 81 पदों का परीक्षण कराया गया। इसके तहत वेटनरी फार्मासिस्ट संवर्ग में वेटनरी फार्मासिस्ट 1959, चीफ फार्मासिस्ट 49 व प्रभारी अधिकारी फार्मेसी के 23 सहित कुल 2031 पद स्वीकृत हैं। इस समय इनमें से 900 पद भरे हुए हैं। वेटनरी फार्मासिस्ट संवर्ग में कार्यरत अधिकतर कार्मिक ग्रेड वेतन 5400, 4800 व 4600 में वेतन पा रहे हैं।

निदेशक ने बताया कि पुनर्गठन में ग्रेड वेतन 4600 के 227 पद व ग्रेड वेतन 4800 के 81 प्रभारी अधिकारी फार्मेसी के पद प्रस्तावित हैं। इन पदों पर पदोन्नति ज्येष्ठता के आधार पर होनी है। पदोन्नति के 308 पदों पर उन्हीं की पदोन्नति होगी जो 5400, 4800 व 4600 में वेतन ले रहे हैं। ऐसे में नए पद सृजित होने पर कोई वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। निदेशक ने अपर मुख्य सचिव पशुधन को भेजे प्रस्ताव में लिखा है कि प्रस्तावित पदों को सृजित करने की संस्तुति की जाती है, अब शासन इस पर निर्णय ले।

Edited By: Anurag Gupta