लखनऊ (जेएनएन)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोंडा, बहराइच और बाराबंकी के बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे में अफसरों की लापरवाही देखी। उन्होंने दस अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जिनमें तीन अफसरों को निलंबन करने को कहा है।
इसके पहले महराजगंज दौरे में उन्होंने 11 अफसरों को निलंबित और सात के तबादले के आदेश दिए थे। सोमवार को बाढ़ दौरे पर गए योगी ने बाढ़ राहत कार्यों में लापरवाही बरतने पर गोंडा के प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी पूरन सिंह, पशुधन प्रसार अधिकारी केपी द्विवेदी तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करनैलगंज के चिकित्साधिकारी डॉ.अजीत प्रताप को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बाढ़ राहत में लापरवाही पाये जाने पर गोंडा की मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.आभा आशुतोष को तत्काल प्रभाव से हटाने को कहा है।

गोंडा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री से शिकायत दर्ज कराई गई कि पशुधन प्रसार अधिकारी केपी द्विवेदी बाढ़ ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे हैं। बाढ़ राहत केन्द्र भटपुरा में तैनात डॉ. अजीत प्रताप के बारे में भी शिकायत मिली कि वह अक्सर गायब रहते हैं। जिला पूर्ति अधिकारी पूरन सिंह तो दो अगस्त से ही बिना सूचना के अनुपस्थित चल रहे हैं।

पशुओं की चारा व्यवस्था में ढिलाई बरते जाने के कारण उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र जायसवाल को चेतावनी देने के निर्देश दिए। बाराबंकी में बाढ़ संबंधी ड्यूटी में शिथिलता बरतने वाले चिकित्साधिकारी डॉ. लईक अहमद, डॉ. वीके सिंह तथा डॉ. धर्मेन्द्र राय को कठोर चेतावनी दिए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बहराइच जिले के पशुधन अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता तथा आपूर्ति निरीक्षक साहब लाल यादव को भी कठोर चेतावनी देने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने बाढ़ ड्यूटी करने वाले सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सचेत किया है कि वे अपने दायित्वों का जनहित में निष्ठा पूर्वक निर्वहन करें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त राहत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
 

Posted By: Ashish Mishra