लखनऊ, विधि संंवाददाता। राजधानी के जियामऊ इलाके में निष्क्रांत संपत्ति पर फर्जी दस्तावेजों के जरिये कब्जा करने के मामले में निरुद्ध अभियुक्त मुख्तार अंसारी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया। सीजेएम रवि कुमार गुप्ता ने आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए मामले की अगली सुनवाई दो नवंबर को तय की है। सोमवार को इस मामले में मुख्तार अंसारी को बांदा जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये अदालत में पेश किया गया था।

इस मामले में मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी व उमर अंसारी के खिलाफ पहले ही आरोप पत्र दाखिल हो चुका है। विवेचना के बाद अभियुक्तों के खिलाफ साजिश, धोखाधड़ी व कूटरचना के साथ ही सार्वजनिक संपत्ति निवारण नुकसान निवारण अधिनियम की धारा तीन में आरोप पत्र दाखिल किए गए हैं।

27 अगस्त, 2020 को इस मामले की रिपोर्ट प्रभारी लेखपाल सुरजन लाल ने थाना हजरतगंज में दर्ज कराई थी, जिसके मुताबिक राजधानी के जियामऊ इलाके की एक निष्क्रांत जमीन पर फर्जी दस्तावेजों के जरिये व अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अभियुक्तों ने अवैध रूप से मकान का निर्माण कराया है। एक साजिश के तहत अभियुक्तों ने नक्शा पास कराकर यह निर्माण कराया और करोड़ों की सरकारी संपत्ति का नुकसान करते हुए जमीन को हड़प लिया।

Edited By: Anurag Gupta