रायबरेली, जेएनएन। उन्नाव के माखी की दुष्कर्म पीड़िता के वाहन के दुर्घटना मामले की छानबीन के लिए सीबीआइ की टीम गुरुवार को गुरबक्शगंज थाने पहुंची। यहां निरीक्षक से एक घंटे तक पूछताछ की। इसके बाद टीम बांदा रवाना हो गई। टीम यहां ट्रक के पूरे रूट को ट्रैक कर यहां पता लगा रही है कि ट्रक में मौरंग कहां से लदा और कहां डिलीवरी की थी। 

सीबीआइ ने बुधवार को लखनऊ में दर्ज किये मुकदमे में पुलिस द्वारा रायबरेली के गुरुबख्शगंज थाने में 29 जुलाई को दर्ज हत्या के मुकदमे को आधार बनाया है। बता दें, रायबरेली के गुरुबख्शगंज थाने में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 नामजद और 15-20 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। यह एफआइआर सोमवार को रायबरेली जेल में बंद पीड़ित किशोरी के चाचा की तहरीर पर दर्ज की गई थी। पुलिस ने 302 (हत्या), 307 (जानलेवा हमला), 506 (जान से मारने की धमकी) व 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।

सीबीआइ ने बुधवार को भी किया था निरीक्षण 

मुकदमा दर्ज करने के बाद बुधवार सुबह एंटी करप्शन ब्रांच के एसपी राघवेंद्र वत्स के नेतृत्व में रायबरेली पहुंचकर उन्नाव के माखी की दुष्कर्म पीड़िता के वाहन के दुर्घटना मामले की छानबीन शुरू की थी। इस मामले की पड़ताल के लिए गठित एसआइटी टीम भी इस दौरान मौजूद थी। एडिशनल पुलिस अधीक्षक शशी शेखर सहित एसआइटी में नामित सीओ भी दुर्घटनास्थल पर सीबीआइ टीम के साथ मौजूद थे। बताया गया कि जल्द घटना का रीक्रिएशन भी कराया जाएगा। सीबीआइ ने रायबरेली पुलिस से घटना की सूचना मिलने के बाद से अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा भी लिया। जांच के लिए एक दिन पूर्व ही गठित की गई एसआइटी के सदस्यों से भी कई जानकारियां लीं। 

 

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