अखिलेश ने 'फ्लाईदुबई' के बहादुर पायलट स्मित मछार को किया सलाम, बोले- पूरे देश को उन पर गर्व है
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने फ्लाईदुबई के विमान में 174 यात्रियों की जान बचाने वाले कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी को सलाम किया है।

अखिलेश ने पायलट स्मित मछार के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
HighLights
कैप्टन स्मित मछार ने फ्लाईदुबई के 174 यात्रियों की जान बचाई।
अखिलेश यादव और पीएम मोदी ने उनकी असाधारण बहादुरी की सराहना की।
सह-पायलट से संघर्ष कर विमान को सुरक्षित तबुक हवाई अड्डे पर उतारा।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली/लखनऊ। फ्लाईदुबई के विमान में 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारत के बहादुर पायलट कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सलाम किया है।
अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर कहा, 'भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी को सलाम! पूरे देश को उन पर गर्व है। मुश्किल हालात में समझदारी और हिम्मत ही सबसे बड़ी ताकत होती है।'
सपा प्रमुख ने कैप्टन मछार के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की है।
Salute to the bravery of Indian pilot Captain Smit Machhar! The entire nation is proud of him.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 2, 2026
In adverse circumstances, wisdom and courage are the greatest strengths.
We wish him a speedy recovery.
पीएम मोदी ने फोन पर की कैप्टन मछार से बात
बता दें कि शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मछार से फोन पर बात कर उनका हालचाल जाना। बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने उस खौफनाक घटना के पल-पल का अनुभव साझा किया।
पायलट कैप्टन स्मित मछार ने बताया कि भारी दबाव और संकट के बीच उन्हें किस बात ने हिम्मत और हौसला दिया। प्रधानमंत्री ने विपरीत परिस्थितियों में दिखाए गए उनके असाधारण साहस, सूझबूझ और जांबाजी की दिल खोलकर तारीफ की तथा उनके शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, दुबई से तेल अवीव की ओर बढ़ रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 आसमान में सामान्य गति से आगे बढ़ रही थी, तभी कॉकपिट के भीतर अचानक अप्रत्याशित संकट खड़ा हो गया। सह-पायलट ने दुर्भावनापूर्ण इरादे से विमान का नियंत्रण बिगाड़ते हुए उसे नीचे गिराने की कोशिश की, जिससे चंद सेकंडों में हवाई जहाज हजारों फीट नीचे गोता लगाने लगा।
इसी खतरे को भांपते ही मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मछार ने उसे रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों के बीच कॉकपिट में भीषण संघर्ष शुरू हो गया।

इस खूनी हाथापाई में कैप्टन स्मित बुरी तरह जख्मी हो गए और शरीर से लगातार बहते खून के कारण उनकी स्थिति नाजुक होने लगी थी। इसके बावजूद उन्होंने होश नहीं खोया। बेहद फुर्ती और सूझबूझ दिखाते हुए उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का सुरक्षित लॉक खोल दिया।
दरवाजा खुलते ही केबिन क्रू और अगली कतारों में बैठे मुसाफिर तुरंत भीतर दाखिल हुए और उपद्रव मचा रहे को-पायलट को दबोच कर काबू में कर लिया।
हवा में उपजे इस भारी तनाव के बीच सूझबूझ दिखाते हुए उड़ान का रुख सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे की तरफ मोड़ा गया, जहां सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के साथ विमान को सकुशल उतार लिया गया।
