यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 15, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Lucknow News: अब अधिक गर्मी और लोड बढ़ने से नहीं जाएगी बिजली, विभाग लगाएगा ये खास केबल
मध्यांचल विद्युत निगम लिमिटेड अब ऐसी केबल का इस्तेमाल करेगा जो अधिक गर्मी और लोड बढ़ने के बावजूद नहीं जलेगी। ...और पढ़ें

लखनऊ, जागरण संवाददाता। अगर सब कुछ ठीक ठाक रहा तो आने वाले समय में एरियल बंडल केबल (एबीसी) न जलेगी और न गर्म होने के बाद पिघल कर टूटेगी। जी हां मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड इस पर काम कर रहा है। पिछले एक माह में एबीसी के जलने और गर्म होने पर पिघल कर टूटने की घटनाएं सैकड़ों हो चुकी है। इसके कारण स्टोर में एबीसी की समस्या खड़ी हो गई है।
इसका सीधा खामियाजा बिजली उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करके उठाना पड़ रहा है। क्योंकि बिजली विभाग के स्टोर में पर्याप्त एबीसी नहीं है। अब मध्यांचल ऐसी केबल अपने उन्नीस जिलों में लगाएगा, जो गर्मियों में अधिक तापमान बढ़ने और बिजली लोड बढ़ने के बाद भी बेहतर तरीके से काम करती रहे। यहीं नहीं तीस से चालीस फीसद तक बिजली लोड बढ़ भी जाए, फिर भी चला करे। इसको लेकर जल्द ही टेंडर प्रकिया करके ऐसे एबीसी लेने की कवायद होने जा रही है।
वर्तमान में बिजली की जो समस्याएं आती हैं, उनमें नंबर एक पर ट्रांसफार्मर जलने, खराब होने के बाद एबीसी की आ रही है। अमूमन उपभोक्ता तीन किलोवाट का बिजली लोड लेता है और बिजली खर्च गर्मियों में उसके ऊपर हो जाता है। ऐसे में मुहल्ले में लगा ट्रांसफार्मर जो स्वीकृत लोड के हिसाब से रखा जाता है, वह खराब होता है, अगर वह बचा रहा तो एबीसी तार जल जाता है। बिजली विभाग के पास कार्यशाला में ट्रांसफार्मर तो पर्याप्त संख्या में है, अगर एक जला तो दूसरा लगा दिया गया, लेकिन एबीसी को लेकर कोई ठोस रणनीति नहीं है।
क्योंकि बिजली चोरी बहुल वाले क्षेत्रों में इसका प्रयोग शुरू के वर्षों में शुरू किया गया था, लेकिन अब इसका प्रयोग सभी जगह शुरू हो गया है। क्योंकि बिजली चोर इसमें कटिया नहीं लगा पाते और बिजली चोरी कम होती है। केंद्र सरकार की रिवैम्पेड योजना के अंतर्गत शहर के अधिकांश खंडों में एबीसी का जाल बिछाने की तैयारी है, इसलिए मध्यांचल बेहतर व्यवस्था पहले से करना चाहता है, जिससे आने वाले कुछ सालों तक एबीसी जलने व टूटने की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाए।
एबीसी अधिक क्षमता की अब लगाने की तैयारी है। क्योंकि वर्तमान में जो एबीसी है, उसमें जलने व टूटने की समस्या आ रही है। जल्द ही इसका स्थायी निदान करने का प्रयास किया जा रहा है। -भवानी सिंह खंगारोत, एमडी, मध्यांचल
