लखनऊ, जेएनएन। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदेश में उग्र विरोध के दौरान सुहागनगरी फिरोजाबाद में जुमे की नमाज के बाद उपद्रव तो उसी दिन काबू में आ गया, मगर पुलिस को आशंका इस कदर गहरा गई कि जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है, उनसे भी शांति भंग का खतरा सताने लगा। यहां प्रशासन ने छह वर्ष पहले गुजर चुके बन्ने खां को मुचलका पाबंद करते हुए उनको 10 लाख रुपये का नोटिस जारी कर दिया गया।

ऐसी ही कहानी मुस्लिम समाज के दो अन्य बुजुर्गों के साथ भी हुई, जो बिस्तर पर हैं। इस मामले में सियासत गरमाई तो अब सीओ सिटी को जांच सौंपी गई है। बता दें कि 20 दिसंबर को नमाज के बाद नागरिक संसोधन कानून (सीएए) के खिलाफ शहर में हिंसा हुई थी। उपद्रवियों ने पुलिस और प्राइवेट वाहनों में आग लगाने के बाद पुलिस चौकी को फूंक दिया था। इस हिंसा में छह लोग मारे गए और दो दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। एसएसपी सचिंद्र पटेल का कहना है कि नोटिस जारी होने का मतलब पाबंद किया जाना नहीं है। सिटी मजिस्ट्रेट ने नोटिस वापस ले लिए हैं। थाना पुलिस द्वारा जांच के बिना नोटिस कैसे जारी किए, इसकी जांच सीओ सिटी को सौंपी गई है।

फिरोजाबाद में 20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुई हिंसा के बाद कार्रवाई को लेकर पुलिस घिरती नजर आ रही है। पुलिस ने अब कुछ ऐसे लोगों को भी पाबंद कर दिया है जिनकी उम्र 90 साल से ज्यादा है। चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को भी पाबंद कर दिया जिसकी 6 साल पहले ही मौत हो चुकी है। अब मामले का खलासा होने के बाद पुलिस ऐसे लोगों के नाम हटाने की बात कर रही है। पुलिस ने फ़साहत मीर खां और सूफी अबरार हुसैन को भी शांति भंग के अंदेशे में पाबंद किया है जबकि इनकी उम्र 90 साल के आसपास है। यह काफी समय से बीमार भी हैं। इसी तरह बन्ने खां नामक एक व्यक्ति को भी पाबंद किया गया है। बन्ने खां की छह साल पहले मौत भी हो चुकी है।

एएमयू छात्रों ने गाया तराना

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में शुक्रवार को पूर्व छात्र नेताओं व छात्र-छात्राओं ने नागरिकता कानून के विरोध में बाबे सैयद पर एएमयू का तराना गाया और प्रदर्शन किया। इसका समापन राष्ट्रगान से किया गया। एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष सलमान इम्तियाज ने कहा कि एएमयू तराना भाईचारे व आपस में एकजुट होने का प्रतीक है। एएमयू में 15 दिसंबर को पुलिस-प्रशासन व छात्रों में हुए टकराव प्रकरण में उन दो विद्यार्थियों पर भी गुंडा एक्ट लगाया गया जो अलीगढ़ में भी नहीं थे। तीन-चार जो थे भी वो उस समय कैंपस में नहीं थे। उन्होंने निर्दोष छात्रों से गुंडा एक्ट हटाने की मांग भी की। चेतावनी दी कि कानून का विरोध लगातार जारी रहेगा। शनिवार को मेडिकल ऑडिटोरियम में दोपहर तीन बजे आरडीए के करन गोपालनाथन, कविता कृष्णनन छात्रों को संबोधित करेंगे। वहीं एएमयू परिसर में छात्राओं का धरना जारी रहा। कैंपस के बाहर पुलिस तैनात रही। शुक्रवार को जुमे की नमाज जिलेभर में शांतिपूर्वक हुई।

मेरठ में पाकिस्तान के समर्थन में नारे

मेरठ में शुक्रवार को मवाना में नमाज से पहले जुलूस के रूप में आए युवकों ने पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाकर माहौल खराब करने का प्रयास किया। पुलिस ने एक आरोपित को पकड़ लिया, जबकि बाकी भाग गए। नारेबाजी का वीडियो भी कुछ लोगों ने बनाया है। एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने पकड़े गए आरोपित पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर लिया।

शुक्रवार दोपहर 12.45 बजे नमाज से पहले कुछ लोग मोहल्ला तिहाई स्थित अशोक की लाट के पास एक दुकान पर एकत्र हुए। वहां पर जुलूस के रूप में निकले युवकों ने सीएए का विरोध कर पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाए। मौके पर पुलिस पहुंची को देखकर आरोपित तंग गलियों से भाग कर घरों में घुस गए। जबकि एक आरोपित अबूजर को पुलिस ने पकड़ लिया। इंस्पेक्टर विनय आजाद ने बताया कि पुलिस की जांच में सामने आया कि एक आरोपित ने ही पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाए थे। बाकी आरोपित उक्त युवक का विरोध कर रहे थे, जो पुलिस को देखकर भाग गए। ऐसे में पुलिस ने एक आरोपित के खिलाफ ही देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया है। डीएम अनिल ढींगरा व एसएसपी अजय साहनी ने मामले की रिपोर्ट तलब की है। एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि मवाना में पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने वाले आरोपित पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है।

अमरोहा में धरना देने पहुंचे कांग्रेस नेता सचिन चौधरी गिरफ्तार

सीएए के विरोध में पुलिस को चकमा देकर गांधी मूर्ति पहुंचे कांग्रेस के प्रदेश सचिव सचिन चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कांग्रेस के प्रदेश सचिव सचिन चौधरी ने गुरुवार को केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ अनशन शुरू करने की घोषणा की थी। शहर के गांधी मूर्ति चौराहा पर भी पुलिस बल तैनात था। इसके बाद भी सचिन चौधरी पुलिस को चकमा देकर गांधी मूर्ति तक पहुंचने में कामयाब रहे। लगभग सवा बारह बजे वह अचानक कार से उतर कर गांधी प्रतिमा के सामने अनशन पर बैठ गए। पुलिस ने उन्हें जबरन वहां से हटा दिया। एसडीएम सदर सुखवीर सिंह ने बताया कि सचिन चौधरी को कोतवाली पुलिस ने शांतिभंग की धाराओं में निरुद्ध किया था। चूंकि जिले में धारा 144 लागू है, लिहाजा उनके पास धरना-प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं थी। उन्हें 75 लाख रुपये के मुचलके पर पाबंद करने के बाद जमानत पर छोड़ दिया गया है। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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