विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बुंदेलखंड में योगी सरकार की 'जल क्रांति', इजरायल की तर्ज पर खेती का नया मॉडल तैयार; 24 गांवों की बदलेगी तस्वीर

Published: Wed, 09 Sep 2026 03:37 PM (IST)

योगी सरकार बुंदेलखंड में 'इंडिया-इजराइल बुंदेलखंड वाटर प्रोजेक्ट' के तहत जल संकट दूर कर किसानों की आय बढ़ा रही है। ...और पढ़ें

News Article Hero Image

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। बुंदेलखंड के जल संकट को स्थायी रूप से खत्म करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए योगी सरकार 'इंडिया-इजराइल बुंदेलखंड वाटर प्रोजेक्ट' को तेजी से धरातल पर उतार रही है। नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के तहत झांसी के बड़ागांव विकासखंड स्थित ग्राम गंगावली में 19.1 करोड़ रुपये की लागत से एक मिनी पायलट प्रोजेक्ट आकार ले रहा है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य इजरायल की तर्ज पर उपलब्ध पानी का अधिकतम और वैज्ञानिक इस्तेमाल सुनिश्चित करना है, ताकि सीमित संसाधनों में भी किसान आधुनिक और उन्नत खेती कर सकें।

जल संरक्षण और आधुनिक खेती का एकीकृत मॉडल

गंगावली में इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत जल संरक्षण, सौर ऊर्जा और माइक्रो इरिगेशन को एक साथ जोड़ा जा रहा है। अब तक जलाशय का अर्थवर्क, जियोमेम्ब्रेन लाइनिंग, सोलर पंप की स्थापना और नहर से जलाशय तक इंटेक पाइप का काम पूरा हो चुका है। गांव के गंदे पानी को जलाशय में जाने से रोकने और उसे साफ करने के लिए एक विशेष 'नेचुरल एसटीपी' (Natural STP) भी तैयार किया गया है। पीयूएफ पैनल आधारित भवनों का निर्माण पूरा कर सुरक्षा के लिए सीसीटीवी भी लगा दिए गए हैं।

8.5 हेक्टेयर में खेती का लाइव डेमो और ऑटोमेशन

परियोजना के अगले चरण में 8.5 हेक्टेयर क्षेत्र में आधुनिक कृषि का सीधा प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें ड्रिप और स्प्रिंकलर पर आधारित माइक्रो इरिगेशन सिस्टम, ग्रीनहाउस और सिंचाई ऑटोमेशन (SCADA) व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे किसानों को यह समझने में आसानी होगी कि फसल की जरूरत के अनुसार सटीक मात्रा में पानी देकर कम लागत में बंपर पैदावार कैसे ली जा सकती है।

किसानों को खेत पर मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण

योजना का फोकस सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को नई तकनीक में पारंगत करना भी है। इसके तहत 72 प्रैक्टिकल ट्रेनिंग सेशन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें हर बार करीब 100 किसानों को वाटर बजटिंग, क्रॉप प्लानिंग, फर्टिगेशन और कृषि मशीनरी के उपयोग की बारीकियां सिखाई जाएंगी। इससे किसान पानी की उपलब्धता के आधार पर अपनी फसल का चुनाव कर सकेंगे।

24 गांवों तक मॉडल का विस्तार और दिसंबर तक लक्ष्य

गंगावली में तैयार हो रहा यह मिनी पायलट प्रोजेक्ट बुंदेलखंड के लिए एक 'रोल मॉडल' साबित होगा। भूगर्भ जल विभाग के अनुसार, इस सफल प्रयोग को जल्द ही पाहुज नहर के डाउनस्ट्रीम स्थित 24 अन्य गांवों में भी लागू किया जाएगा। वर्तमान निर्माण कार्यों को 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके बाद इसे जून 2029 तक ऑपरेशन और मेंटेनेंस मोड पर संचालित किया जाएगा।