लखनऊ, [नीरज मिश्र]। भवन निर्माण में प्रयोग की जाने वाली एक अहम चीज सरिया का भाव आसमान छूने लगा है। मात्र एक माह में इस्पात के रेट में बड़ी तेजी दर्ज की गई है। सितंबर माह की शुरुआत में 55,000 रुपये में बिक रही सरिया का रेट पंद्रह दिन 62,500 प्रति टन था। अब इसकी कीमतों में प्रति टन ढाई हजार रुपये की और बढ़ोत्तरी हो गई है। अब इस्पात का रेट 65,000 प्रति टन पहुंच गया है। वहीं ब्रांडेड सरिया का भाव 72,000 से 78,000 रुपये प्रति टन के बीच है। कारोबारी कह रहे हैं कि कोयले और निर्माण में प्रयोग होने वाले कच्चे माल की कमी से सरिया निर्माण काम में बाधा आ रही है। इससे यह अंतर आया है। बची कसर चीन समेत कई स्थानों से मिले बड़ी मात्रा में विदेशी आर्डर पूरा करने के फेर में बड़ी कंपनियों से डिमांड के सापेक्ष आपूर्ति काफी कम की जा रही है। इसी वजह से इस्पात का भाव लगातार चढ़ता जा रहा है।

एक माह में लगातार चढ़ता सरिया का रेट

  • इस्पात (कीमत प्रति टन रुपये में )-सितंबर माह-अक्टूबर माह शुरुआत-अब
  • सरिया -55,000 -62,500-65,000
  • बड़े ब्रांड -60,000 -65,000 -70,000 से 78,000
  • इस्पात (कीमत प्रति क्विंटल रुपये में )-सितंबर माह-अक्टूबर माह की शुरुआत-अब
  • सरिया -5,500 -6,250 -6,500
  • ब्रांडेड -6,000 -6,500 -7,000 से 7,800

आस्ट्रेलिया और बाहर से आने वाले कच्‍चे माल की कमी: इस्पात कारोबारी विशाल अग्रवाल ने बताया कि आस्ट्रेलिया समेत बाहर से आने वाले देशों से कच्चे माल की कमी है। इससे निर्माण में बाधा बनी हुई है। बड़ी कंपनियां अपने देश में कम विदेश में ज्यादा माल की आपूर्ति कर रही हैं। चीन समेत कई देशों के इस्पात के बडे़ आर्डर पूरा करने में लगी हैं। इससे कीमतों में लगातार उछाल बना हुआ है। ब्रांडेड इस्पात आठ हजार का आंकड़ा छूने को बेताब है।

सरिया का निर्माण अपेक्षित गति से नहीं: उत्तर प्रदेश सीमेंट व्यापार संघ के अध्यक्ष श्याममूर्ति गुप्ता ने बताया कि कच्चे माल की उपलब्धता कम हो गई है। इससे सरिया का निर्माण अपेक्षित गति से नहीं हो पा रहा है। रॉ-मेटीरियल न होने से कई रोलिंग मिलें काम नहीं कर रही हैं। साथ ही ब्रांडेड सरिया की आपूर्ति भी काफी कम है। इससे सरिया का भाव लगातार बढ़ रहा है।

Edited By: Rafiya Naz