लखनऊ, विधि संवाददाता। दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली युवती व उसके गवाह की आत्मदाह से हुई मौत के मामले में अदालत ने अभियुक्त अतुल राय को नैनी जेल से तलब किया है। अदालत ने अतुल राय को न्यायिक रिमांड के लिए जरिए वीडियो कान्फ्रेसिंग 29 अक्टूबर को तलब करने का आदेश दिया है। घोसी से बसपा सांसद अतुल राय एक अन्य आपराधिक मामले में प्रयागराज की नैनी जेल में न्यायिक हिरासत में निरुद्ध हैं। सीजेएम रवि कुमार गुप्ता ने यह आदेश अभियुक्त अतुल राय की ओर से दाखिल अर्जी पर दिया है।

अदालत के समक्ष अभियुक्त अतुल राय की ओर से कहा गया कि वह घोसी से सांसद है। बीमार रहता है। उसकी विधायक मुख्तार अंसारी से रंजिश चली आ रही है। उसे भय है कि उनकी हत्या करा सकता है। लिहाजा बीमारी व सुरक्षा के मद्देनजर उसका न्यायिक रिमांड वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से कराया जाए। इससे पहले इस मामले की विवेचक व एसीपी श्वेता श्रीवास्तव ने एक अर्जी दाखिल की थी। जिसमें अभियुक्त अतुल कुमार सिंह उर्फ अतुल राय को इस मामले में न्यायिक रिमांड के लिए जरिए वारंट बी तलब करने की मांग की गई थी।

27 अगस्त, 2021 को इस मामले की एफआइआर वरिष्ठ उपनिरीक्षक दयाशंकर द्विवेदी ने थाना हजरतगंज में आईपीसी की धारा 120बी, 167, 195ए, 218, 306, 504 व 506 के तहत दर्ज कराई थी। जिसमें अतुल राय के साथ ही पूर्व वरिष्ठ आईपीएस अमिताभ ठाकुर को नामजद किया गया था। अमिताभ को उसी रोज गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। अमिताभ के खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल हो चुका है। सत्र अदालत से उनकी जमानत अर्जी भी खारिज हो चुकी है। 

मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारीः एक दांडिक अपील पर सुनवाई के दौरान हाजिर नहीं होने वाले अभियुक्त काला सरधना के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट का तामीला नहीं कराने पर अदालत ने सख्त रुख अख्तियार किया है। विशेष जज महेश चन्द्र वर्मा ने मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। पूछा है कि क्यों न इस मसले पर उनके खिलाफ विधिनुसार कार्यवाही की जाए, स्पष्ट करें। साथ ही अभियुक्त को गिरफ्तार कर अदालत में उसकी उपस्थिति भी सुनिश्चित कराएं। उन्होंने अभियुक्त के जमानतदारों के खिलाफ जारी नोटिस का भी तामीला कराने का आदेश दिया है। इस आदेश की एक प्रति पुलिस महानिदेशक को भी भेजने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी।

27 अपै्रल, 2017 को सीबीआई/प्रदूषण की विशेष अदालत ने अभियुक्त काला सरधना को गैरकानूनी तरीके से जानवरो की हड्डियां उबालकर वसा निकालने के मामले में दो साल की सजा सुनाई थी। इस पर 20 हजार का जुर्माना भी ठोंका था। लेकिन कानूनी प्रावधानों के मुताबिक इसे जमानत मिल गई थी। इसके बाद अभियुक्त की ओर से इस फैसले के खिलाफ अपील दाखिल की गई। लेकिन अपील पर सुनवाई के दौरान अदालत में हाजिर नहीं हो रहा है।

Edited By: Vikas Mishra