लखनऊ, जेएनएन। गठबंधन को लेकर जारी कोशिशों में मंगलवार को समाजवादी पार्टी मुख्यालय पर राष्ट्रीय लोकदल उपाध्यक्ष जयंत चौधरी और अखिलेश यादव के बीच बंद कमरे में चली वार्ता का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। करीब पौन घंटे की बातचीत में रालोद ने पांच सीटों पर अपना दावा ठोंका परंतु सपा ने दो से अधिक सीटों पर हामी भरने से इन्कार किया। सपा प्रमुख अखिलेश ने इस बारे में बसपा मुखिया मायावती से सहमति मिलने के बाद स्थिति स्पष्ट करने की बात कही।

सुखद वातावरण में गठबंधन पर विचार 

रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी करीब एक बजे सपा कार्यालय पहुंचे और  अकेले में अखिलेश यादव से वार्ता की। बैठक के बाद जयंत ने बताया कि चाय पर चर्चा सुखद वातावरण पर हुई और गठबंधन पर भी विचार हुआ। भाजपा को हराने के लिए एकता पर भी सहमति बनी। जयंत ने सीटों के बंटवारे पर टिप्पणी करने से इन्कार किया। उनका कहना था कि उचित समय पर इसकी सूचना मिल जाएगी परंतु यह निश्चित है कि रालोद गठबंधन कर लोकसभा चुनाव में उतरेगा।

सीबीआइ जैसी संस्थाओं को प्रभाव हीन किया

खनन घोटाले की सीबीआइ जांच अखिलेश यादव तक पहुंचने पर जयंत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल सीबीआइ ही न्यायिक संस्थाएं राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते प्रभावहीन हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं का दुरुपयोग देश हित में नहीं है।

केंद्र सरकार द्वारा गरीब सवर्णों को दस प्रतिशत आरक्षण देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अब से पूर्व भी कई घोषणाएं की गयी और फैसले किए गए परन्तु ठीक से अमल न हो सका। अब चुनाव निकट आते ही गरीबों के लिए आरक्षण देने की घोषणा, कहीं चुनावी जुमला न रह जाए। उल्लेखनीय है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कई सीटों पर अच्छी पकड़ वाले राष्ट्रीय लोकदल ने लोकसभा उपचुनाव में अन्य दलों के सहयोग से कैराना संसदीय सीट भाजपा से छीनी थी।

Posted By: Nawal Mishra

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