लखनऊ (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव की आहट के बीच बहुजन समाज पार्टी की मुखिया का 61वां जन्मदिन बेहद सादगी से मनाया जाएगा। इससे पहले उनके जन्मदिन का आयोजन लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहता था।

इस बार मायावती के 61 वें जन्मदिन पर कोई बड़ा तो समारोह होगा ही नहीं, इस बार तो केक भी नहीं काटा जाएगा। इससे पहले उनका जन्मदिन उनकी उम्र के बराबर के वजन के बनते थे, इसके साथ ही उनको विशाल माला भी पहनाई जाती थी। इस बार ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिलेगा। बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर ने कहा कि पार्टी इस समय उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव की तैयारी में लगी है।

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राजभर ने कहा कि इसकी मजबूत संभावना है कि चुनाव आयोग वर्ष के अंतर तक उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा कर देगा। इसके कारण आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। हमारी पार्टी के कार्यकर्ता इस बार पार्टी की मुखिया को जन्मदिन पर विलंब से लेकिन बड़ा तोहफा (पूर्ण बहुमत) देंगे।

बसपा प्रमुख मायावती का जन्मदिन उनके पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए काफी खास होता है। वह सब बड़े धूमधाम से लखनऊ में बसपा मुखिया मायावती का जन्मदिन मनाते हैं।

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बड़ा सा केक काटा जाता है, इसके साथ ही काफी बड़े आयोजन होते हैं। इस बार ऐसा कुछ नहीं होने वाला है। 15 जनवरी को उनका जन्मदिन होता है। इस बार अपना जन्मदिन बहुत ही आम अंदाज में मनाएंगी। खबर है कि हर बार के मुकाबले इस बार मायावती का जन्मदिन बहुत ही आम होने वाला है। पार्टी के नेताओं ने बताया कि इस बार पार्टी मुखिया का जन्मदिन में कोई शोर नहीं होगा, कोई केक नहीं काटा जाएगा।

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सके पीछे एक वजह है। यूपी चुनाव के मद्देनजर ये फैसला लिया गया है। दिसंबर के अंत तक चुनाव आयोग यूपी चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। ऐसे में जल्द ही आचार संहिता लागू हो सकती है। ऐसे में पार्टी को इसका नुकसान हो सकता है। वैसे भी यूपी में नोटबंदी के चलते हालत खस्ता हुई पड़ी है। हर साल जन्मदिन के पार्टी कार्यकर्ता चंदा इक_ा करते हैं तो जन्मदिन के दिन बसपा प्रमुख को एक भेंट की तरह देते हैं। उनके गले में उनसे भी बड़ी और लंबी फूलों की माला पहनाई जाती है। केट कटता है, पूरी य़ूपी में जश्न का माहौल बन जाता है। पार्टी के बाकी कार्यकर्ता बताते हैं कि इस बार सादगी के साथ उमका जन्मदिन मनाया जाएगा।

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पार्टी चुनाव का इंतजार कर रही है। इससे पहले किसी भी तरह के जश्न के लिए तैयार नहीं है। अगर किसी को अपनी मुखिया को गिफ्ट के रूप में कुछ देना है तो वो पार्टी खाते में जमा हो जाएंगे। प्रत्येक सांसद व विधायक को निश्चित राशि जमा करने के लिए एक लक्ष्य दिया जाता है।इस बार ऐसा कुछ नहीं है। उनके बर्थ डे पर पार्टी कार्यकर्ता विधानसभा चुनाव में बसपा की जीत सुनिश्चित करने की प्रतिज्ञा लेंगे।

Posted By: Dharmendra Pandey