लखनऊ, जेएनएन। मॉब लिंचिंग को लेकर बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के साथ ही उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को निशाने पर लिया है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि अब तो पुलिस भी मॉब लिंचिंग का शिकार हो रही है और केंद्र तथा उत्तर प्रदेश सरकार इसको लेकर बैकफुट पर है।

मायावती का आरोप है कि देश तथा उत्तर प्रदेश में भीड़ छोटी-छोटी बात उन्मादी हो रही है। मायावती ने इस भीड़ की हिंसा को न रोक पाने पर केंद्र सरकार को उदासीन बताया। मायावती ने मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर मोदी सरकार पर ट्विटर के जरिए जमकर निशाना साधा है। मायावती ने मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर केंद्र की मोदी तथा प्रदेेश की मोदी सरकार के रवैए पर सवाल उठाया है। उन्होंने ने ट्वीट कर उन्मादी भीड़ की हिंसा को न रोक पाने पर केंद्र की सरकार को उदासीन बताया है।

मायावती ने मॉब लिंचिंग को भयानक बीमारी बताया और कहा कि अब पुलिस भी मॉब लिंचिंग का शिकार हो रही है। बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट किया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद केंद्र को गंभीर होकर मॉब लिंचिंग पर अलग से देशव्यापी कानून अब तक जरूर बना लेना चाहिए था। लोकपाल की तरह मॉब लिंचिंग के मामले में भी केंद्र उदासीन है और कमजोर इच्छाशक्ति वाली सरकार साबित हो रही है। ऐसे मे यूपी विधि आयोग की पहल स्वागतोग्य है।

मॉब लिंचिंग पर मायावती के ट्वीट

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट किया कि मॉब लिंचिंग एक भयानक बीमारी के रुप में देश भर में उभरने के पीछे वास्तव में खासकर भाजपा की सरकारों की कानून का राज स्थापित नहीं करने की नीयत और नीति की ही देन है, जिससे अब केवल दलित, आदिवासी व धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के लोग ही नहीं बल्कि सर्वसमाज के लोग और पुलिस भी शिकार बन रही है।

इसके साथ ही मायावती ने अगले ट्वीट में लिखा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद केंद्र को गंभीर होकर मॉब लिंचिंग पर अलग से देशव्यापी कानून अबतक जरूर बना लेना चाहिए था। लोकपाल की तरह मॉब लिंचिग के मामले में भी केंद्र उदासीन है व कमजोर इच्छाशक्ति वाली सरकार साबित हो रही है।

मायावती से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने मॉब लिंचिंग पर बड़ा बयान दिया था। सलमान खुर्शीद ने कहा कि मुझे लगता है कि महानगरों में डर का कोई माहौल नहीं है, जहां हम रहते हैं या काम करते हैं। छोटे शहरों और गांवों में इसका डर जरूर है। यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वे इस डर को खत्म करें। 

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Posted By: Dharmendra Pandey