लखनऊ, जेएनएन। लोकसभा चुनाव 2019 से पहले तथा मतदान के दौरान सोशल मीडिया पर बेहद एक्टिव बसपा मुखिया मायावती अब एक्शन मोड में हैं। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी व राष्ट्रीय लोकदल के साथ गठबंधन के बाद भी दस सीट मिलने से मायावती संतुष्ट नहीं हैं।

नई दिल्ली में कल होने वाली पार्टी के नेताओं के साथ बैठक से पहले ही मायावती ने छह राज्यों के लोकसभा चुनाव प्रभारी को हटा दिया है। इसके साथ ही उन्होंने तीन राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष को भी पद से बेदखल कर दिया है। बसपा मुखिया मायावती ने लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन पर बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, राजस्थान, गुजरात व उड़ीसा के लोकसभा प्रभारी को हटाया है। इसके साथ ही बसपा राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने दिल्ली व मध्य प्रदेश के बसपा अध्यक्ष को भी पद से बेदखल कर दिया है।

मायावती इन दिनों दिल्ली में हैं। उन्होंने कल दिल्ली में ही राज्य प्रभारियों व प्रदेश अध्यक्षों के साथ बैठक बुलाई थी। इसमें राज्यवार लोकसभा चुनाव की स्थितियों की चर्चा की। लोकसभा चुनाव में बसपा को अनुमान से बहुत कम सीटें मिली हैं। बताया जा रहा है कि इसके चलते मायावती काफी नाराज हैं। उन्होंने समीक्षा के दौरान खराब परफार्मेंस पर मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष छट्टू राम व दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह को हटा दिया है। लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन करने वालों पर बसपा सुप्रीमो मायावती की गाज गिरी है। मायावती ने दिल्ली में सुरेंद्र सिंह की जगह लक्ष्मण सिंह और मध्य प्रदेश में डीपी चौधरी की जगह रमाकांत पुत्तल को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया है।

इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में पार्टी के अध्यक्ष आरएस कुशवाहा को उत्तराखंड राज्य प्रभारी के पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह पर एमएल तोमर को नया प्रभारी बनाया गया है। बसपा सुप्रीमो ने उड़ीसा-गुजरात के प्रभारी पद से छट्टू राम को हटाकर बिहार-झारखंड का प्रभारी बनाया है। मुनकाद अली को राजस्थान प्रभारी पद से हटा दिया गया है। पूर्व सांसद डा. बलिराम को बिहार राज्य के द्वितीय प्रभारी पद से हटाया गया। पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह को झारखंड राज्य प्रभारी पद से हटा दिया गया है। रामअचल राजभर को गुजरात के साथ महाराष्ट्र का प्रभारी बनाया गया है। उनसे बिहार राज्य का प्रभार वापस ले लिया गया है। मायावती ने कल मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उड़ीसा राज्य प्रभारियों के साथ बैठक कर अपेक्षा से खराब प्रदर्शन की वजहों पर चर्चा की।

यूपी के जोन इंचार्ज व जिलाध्यक्षों की बैठक कल

मायावती अब कल यूपी के जोन इंचार्ज व जिलाध्यक्षों के साथ ही लोकसभा प्रत्याशियों व नवनिवार्चित सांसदों के साथ बैठक करेंगी। बैठक में शामिल होने के लिए सभी को निर्देश भेज दिया गया है। बसपा ने लोकसभा चुनाव 2014 की अपेक्षा 2019 में भले ही बेहतर प्रदर्शन करते हुए 10 सीटें जीती हैं, लेकिन अपेक्षा के मुताबिक गठबंधन को कम सीटें मिली हैं। मायावती सोमवार को दिल्ली बैठक में सपा व रालोद के साथ किये गए गठबंधन की भी समीक्षा करेंगी। माना जा रहा है कि कल बैठक में संगठन में फेरबदल को लेकर महत्वपूर्ण फैसला हो सकता है। बैठक में कई बड़ों के खिलाफ कार्रवाई भी संभव है।

बदल सकती है प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी

मायावती ने जिस तरह दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह को न केवल पद से हटाया वरन संगठन से बाहर का रास्ता दिखाया है और उत्तराखंड में प्रदेश प्रभारी आरएस कुशवाहा को हटाकर एमएल तोमर को नया प्रभारी बनाया है, उससे उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों की धड़कनें भी बढ़ी हैं। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष समेत कई शीर्ष पदाधिकारियों की छुट्टी हो सकती है। मायावती इस बात को लेकर नाराज है कि वोट ट्रांसफर ईमानदारी से नहीं हो सका जिससे उम्मीद के अनुरूप नतीजे नहीं मिल सके।

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Posted By: Dharmendra Pandey

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