लखनऊ, जेएनएन। पर्वतारोही पदमश्री अरुणिमा सिन्हा के जीजा ओम प्रकाश ने गुरुवार को विधान भवन के सामने आत्महत्या करने का प्रयास किया। ओम प्रकाश ने अरुणिमा पर जानलेवा हमला करने व एक कंपनी में हिस्सेदारी को लेकर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। वहीं अरुणिमा सिन्हा ने कहा है कि सीआरपीएफ से बर्खास्त सिपाही जीजा ने उसकी कंपनी के नाम पर जालसाजी की थी। इसकी एफआईआर 24 जनवरी को दर्ज की गई है। जिसके बाद 25 जनवरी से फर्जी आरोप लगाकर गलत एफआइआर कराने का दबाव बना रहा था।

सरोजनीनगर की सैनिक विहार कालोनी में अरुणिमा सिन्हा के जीजा ओम प्रकाश गुरुवार सुबह विधान भवन पहुंचे और आग लगाने का प्रयास किया। पुलिस ओम प्रकाश को सिविल अस्पताल ले आयी। यहां पूछताछ में ओम प्रकाश ने आरोप लगाया कि वह 25 जनवरी से सरोजनीनगर थाना के चक्कर काट रहा है। ओम प्रकाश ने अरुणिमा सिन्हा और उनके पति गौरव सिंह पर धोखाधड़ी व जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया। इसकी शिकायत करने पर सरोजनीनगर पुलिस ने आज तक कोई बयान दर्ज नहीं किया। सीएम पोर्टल पर सरोजनीनगर पुलिस के एसआइ दिनकर वर्मा की ओर से इस मामले की जांच किए बिना ही उसे निस्तारित दिखा दिया।ओम प्रकाश ने यह भी कहा कि वह अरुणिमा इवेंट मैनेजमेंट कंपनी में 50 प्रतिशत के भागीदार हैं। अरुणिमा सिन्हा व उनके पति ने कंपनी को हड़प लिया है।

जीजा ने की जालसाजी

पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा ने बताया कि जब वह 2018 में अर्टांटलिका गई और दो महीने बाद वापस लौटी। तब तक जीजा ओम प्रकाश ने फर्जी तरीके से अरुणिमा सिन्हा इवेंट मैनेजमेंट के नाम से संस्था बना दी। उसे स्किल इंडिया प्रोग्राम से भी मान्यता दिला दी। तब भी मैंने जीजा से ऐसा फर्जीवाड़ा करने से मना कर दिया। जीजा नहीं माना तो अपने नाम से बनी कंपनी का संचालन धोखाधड़ी रोकने के लिए मैंने अपने हाथ में ले लिया। इसमें ओम प्रकाश की कोई हिस्सेदारी नहीं थी। ओम प्रकाश के खिलाफ 24 जनवरी को मेरी ओर से सरोजनीनगर थाने पर मामला दर्ज कराया गया। वहीं ओम प्रकाश ने 25 को शिकायत की, जिसकी जांच के लिए पुलिस घर आयी। यहां घटना का जो समय बताया जा रहा है, सीसीटीवी में मेरे पति गौरव व मैं घर पर ही दिखायी दिये।

 

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