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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 25, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

काउंटरों पर सन्नाटा, फिर भी नहीं मिल रहे ट्रेनों के कंफर्म टिकट

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Thu, 25 Jun 2015 10:33 AM (IST)Updated: Thu, 25 Jun 2015 04:45 PM (IST)

लखनऊ से मुंबई जाने वाली ट्रेनों में स्लीपर क्लास की वेटिंग 500 तक पहुंच गई। 30 जून तक पुष्पक एक्सप्रेस ...और पढ़ें

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लखनऊ [निशांत यादव]। लखनऊ से मुंबई जाने वाली ट्रेनों में स्लीपर क्लास की वेटिंग 500 तक पहुंच गई। 30 जून तक पुष्पक एक्सप्रेस में रिग्रेट की स्थिति बन गई, लेकिन तत्काल के लिए रेल आरक्षण केंद्रों पर सन्नाटा है और टिकट अब आइआरसीटीसी की उसी वेबसाइट पर बन रहे हैं जो 15 जून के पहले तक सुबह 10 बजते ही ठप हो जाती थी।

इंटरनेट पर अब दोगुने तत्काल टिकट जारी हो रहे हैं तो आरक्षण केंद्रों पर पहला नंबर होने के बावजूद दिल्ली व मुंबई का तत्काल टिकट कंफर्म नहीं मिल पा रहा है। ऐसा तब है जब आइआरसीटीसी एजेंटों की आइडी सुबह आठ से दोपहर 12 बजे तक ब्लॉक रहती है और पर्सनल आइडी पर हर महीने केवल दस टिकट ही बनाए जा सकते हैं।

तत्काल कोटे के टिकट में हो रहे इस गोरखधंधे के कारण आरक्षण केंद्रों पर लाइन अब लगातार घटती चली जा रही है। रेलवे ने 15 जून से तत्काल टिकट जारी करने के समय में बदलाव कर दिया है। अब सुबह 10 बजे से एसी और 11 बजे से स्लीपर क्लास के तत्काल टिकट जारी हो रहे हैं। रेलवे का दावा था कि इस व्यवस्था से दलालों पर अंकुश लगेगा और एसी और स्लीपर क्लास के यात्रियों को रेलवे काउंटरों से अधिक कंफर्म टिकट मिल सकेंगे। यह व्यवस्था लागू हुई तो टिकट आरक्षण केंद्रों की जगह दलालों की दुकानों पर बनने लगे। तीन से चार रात तक लाइन लगाने पर भी पहला नंबर हासिल करने वाले यात्रियों को आरक्षण केंद्रों से कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है। लखनऊ मेल और शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों के जो टिकट दस से 15 मिनट बाद तक उपलब्ध होते थे वह तक आरक्षण केंद्रों पर पहले नंबर वाले यात्रियों को नही मिल पा रहे हैं।

नहीं मिला मुंबई और दिल्ली का एक भी टिकट

मंगलवार को जो तत्काल खुला था उसमें चारबाग सहित उत्तर रेलवे के काउंटरों पर मुंबई का एक भी टिकट लखनऊ से जारी नही हो सकी। लालगंज और सिधौली से एक-एक टिकट बन सके थे। दिल्ली का भी शहर के आरक्षण केंद्रों पर केवल 15 टिकट ही बन सके थे।

ऐसे बढ़ा आइआरसीटीसी का दायरा

सुबह 10 से 11 बजे : पहले 42 हजार तत्काल टिकट आइआरसीटीसी बनाता था वह अब 60 हजार हो गयी है।

सुबह 11 से 12 बजे तक

आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर 65 हजार टिकट बनते थे, वह बढ़कर 90 हजार हो गए हैं। तत्काल के समय सुबह दस से दोपहर 12 बजे तक 10 लाख लोग आइआरसीटीसी की वेबसाइट हिट करते थे और टिकट 1.05 लाख ही बनते थे अब केवल 4.35 लाख हिट हो रहे हैं लेकिन टिकट 1.50 लाख से अधिक बन रहे हैं। रेलवे ने 15 जून से तत्काल का केवल समय ही अलग किया है।

कोई सूचना नहीं

एडीजी रेलवे बोर्ड एके सक्सेना ने बताया कि टिकट काउंटरों पर कम और आइआरसीटीसी की वेबसाइट पर अधिक बन रहे हैं इसकी कोई सूचना नहीं है।

हिट कम, लेकिन टिकट बनने की संख्या में इजाफा

आइआरसीटीसी के जनसंपर्क अधिकारी संदीप दत्ता ने बताया कि आइआरसीटीसी की वेबसाइट पर अब हिट पहले से कम, लेकिन तत्काल के समय टिकट बनाने की संख्या में इजाफा हुआ है। अब हम प्रतिदिन 1.50 लाख तक टिकट बना रहे हैं। यह टिकट किन लोगों की आईडी पर बन रहे हैं अभी इसकी रिपोर्ट नहीं मिल सकी है। यदि यह दलाल बना रहे हैं तो इसकी जांच होगी।